दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: प्रयागराज रूट, टाइमिंग और कोच विवरण
दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के प्रस्तावित रूट (नई दिल्ली‑वाराणसी via प्रयागराज), टाइमिंग, कोच संरचना और यात्रियों को मिलने वाले लाभ।
12 Oct 2026, 02:18 UTC

प्रस्तावित रूट और संभावित ठहराव
रेलवे की योजना के अनुसार नई दिल्ली‑वाराणसी corridor पर दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाएगी, जो परीक्षण के अनुसार प्रयागराज रास्ते में गुजरेगी। (स्रोत) ट्रेन का ठहराव प्रयागराज के साथ‑साथ कानपुर सेंट्रल पर भी प्रस्तावित है।
रूट विवरण
ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को सीधा संपर्क मिलेगा और यात्रा अवधि कम होगी। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वर्तमान में हावड़ा‑कामाख्या खंड पर संचालित है, जबकि नई ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी। (स्रोत)
टेंटेटिव टाइमिंग और गति योजना
रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रायल इसी महीने हो सकता है और दीपावली तक नियमित संचालन की तैयारी है। (स्रोत) प्रारंभिक चरण में अधिकतम रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाने की चर्चा है, जबकि मिशन रफ्तार के तहत ट्रैक अपग्रेडेशन के बाद इसे 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकता है।
यात्रा अवधि
वाराणसी से नई दिल्ली तक की यात्रा करीब 8 घंटे में पूरी होगी। (स्रोत)
कोच संरचना और यात्री क्षमता
प्रस्तावित ट्रेन 16 कोच की होगी, जिसमें कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे। (स्रोत) इसमें ग्यारह थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा।
यात्रियों को मिलने वाले लाभ
यात्रा समय में लगभग 8 घंटे की यात्रा से मौजूदा ट्रेनों की तुलना में यात्रा तेज होगी। प्रयागराज और संभवतः कानपुर सेंट्रल जैसे मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव से क्षेत्रीय यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी और वे अप्रत्यक्ष मार्गों से बच सकेंगे। वंदे भारत श्रेणी की विशेषताओं — जैसे स्वचालित दरवाज़े, जीपीएस‑आधारित सूचना प्रणाली और आरामदायक सीटिंग — से यात्रा अनुभव में सुधार अपेक्षित है। हालांकि, रेलवे ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है और समय‑सारिणी, किराया संरचना और अंतिम ठहराव विवरण अभी अंतिम नहीं हैं। (स्रोत)
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक रेलवे वेबसाइट या स्टेशन पर जारी नोटिसों को नियमित रूप से जांचते रहें।
Sources & further reading
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