न्यायाधीश ट्रेंड: सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों की शपथ, संख्या 37 और महिला जजों की स्थिति
6 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के तीन नए जजों ने शपथ ली, जिससे जजों की संख्या 37 और महिला जजों की संख्या तीन हो गई। जानें नए न्यायाधीश कौन हैं और 'न्यायाधीश' ट्रेंड की वजह।
13 Oct 2026, 02:24 UTC

8 अक्टूबर 2026 को Google Trends पर 'न्यायाधीश' शब्द की सर्च में करीब 300% की बढ़ोतरी दर्ज हुई और लगभग 10,000 सर्च हुए। इस ट्रेंड की वजह है सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों की शपथ — एक ऐसा बदलाव जिससे शीर्ष अदालत में जजों की संख्या 37 हो गई और महिला जजों की संख्या तीन पर पहुंच गई। ध्यान रहे कि Google Trends का आंकड़ा केवल सर्च रुचि दर्शाता है, किसी खबर की सत्यता नहीं — लेकिन इस मामले में खबर कई प्रमुख अखबारों में प्रकाशित हो चुकी है।
कौन हैं तीन नए न्यायाधीश?
जागरण की 7 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार 6 अक्टूबर 2026 को तीन नए जजों ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने उन्हें शपथ दिलाई। दैनिक भास्कर के अनुसार नए जज हैं:
- जस्टिस सुनीता अग्रवाल — गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रह चुकी हैं। उनका जन्म 30 अप्रैल 1966 को फैजाबाद में हुआ; 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की एडिशनल जज बनीं और 5 जुलाई 2023 को गुजरात हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुईं।
- जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय — दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे। 21 जनवरी 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी; इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रहे।
- जस्टिस अपरेश कुमार सिंह — तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे; 19 जुलाई 2025 को इस पद की शपथ ली थी।
दैनिक भास्कर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर को तीनों नामों की सिफारिश की थी और केंद्र सरकार ने सोमवार को नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। यानी सिफारिश से शपथ तक की प्रक्रिया करीब एक सप्ताह में पूरी हुई।
संख्या 37 हुई, एक पद अभी खाली
तीनों नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि निर्धारित संख्या 38 है — यानी एक पद अभी भी खाली है। यह जानकारी नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर दोनों ने दी है।
महिला जजों की संख्या तीन — और पहली महिला CJI की संभावना
जस्टिस सुनीता अग्रवाल के आने से सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या तीन हो गई है। जागरण के अनुसार वे सुप्रीम कोर्ट की 13वीं महिला जज हैं। इससे पहले जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस वी मोहना शीर्ष अदालत में पहले से कार्यरत थीं।
नवभारत टाइम्स के विश्लेषण के अनुसार जस्टिस बीवी नागरत्ना भारत की पहली महिला CJI बन सकती हैं, लेकिन उनका संभावित कार्यकाल मात्र 36 दिन (24 सितंबर से 29 अक्टूबर 2027) का होगा। यहां सावधानी जरूरी है: ये तारीखें वरिष्ठता क्रम और रिटायरमेंट आयु पर आधारित अखबारी अनुमान हैं, कोई सरकारी घोषणा नहीं। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में एक जगह जस्टिस विक्रम नाथ की रिटायरमेंट तारीख '23 सितंबर, 2023' लिखी है, जो स्पष्ट टाइपिंग गलती लगती है — ऐसे आंकड़े सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित किए जाने चाहिए।
पाठकों के लिए मायने
न्यायाधीशों की नियुक्ति सिर्फ एक प्रशासनिक खबर नहीं है। नए जजों के कार्यकाल 2030-31 तक चलने वाले हैं, यानी आने वाले वर्षों में संवैधानिक पीठों और बड़े फैसलों में इनकी भूमिका रहेगी। साथ ही, 37 में से सिर्फ तीन महिला जज होना यह भी दिखाता है कि शीर्ष न्यायपालिका में लैंगिक प्रतिनिधित्व अभी भी बहुत कम है — एक समय जब जजों की संख्या 33 थी, तब भी एक साथ चार महिला जज रह चुकी हैं।
Sources & further reading
- Supreme Court New Judges Oath | CJ Surya Kant Administers Office | List
- भारत की पहली महिला CJI की रेस में सबसे आगे कौन, सुप्रीम कोर्ट के 37 जजों में हैं सिर्फ तीन - justice bv nagarathna will first women cji only three female among supreme court 37 judges - Navbharat Times
- सुप्रीम कोर्ट के तीन नए जजों ने ईश्वर के नाम पर ली शपथ, SC में 37 जजों में सिर्फ 3 महिलाएं - supreme court new judges took oath in name of god only 3 women among 37 judges in sc cji surya kant
- Google Trends India: न्यायाधीश
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