मौसम अपडेट: 24 सितंबर 2026 को भारत के प्रमुख शहरों की स्थिति और दो-सप्ताह का पूर्वानुमान
24 सितंबर 2026 को IMD के अनुसार दिल्ली में 34.2°C तापमान और 40.3°C feel-like दर्ज हुआ। जानें प्रमुख शहरों का मौसम, दो-सप्ताह का पूर्वानुमान और El Niño का असर।
24 Sept 2026, 13:12 UTC

आज का मौसम: 24 सितंबर 2026 की ताजा स्थिति
अगर आप "मौसम" खोज रहे हैं, तो भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देशभर में अलग-अलग परिस्थितियाँ देखी गईं। IMD की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार नई दिल्ली-सफदरजंग स्टेशन पर शाम 5:30 बजे (IST) तापमान 34.2°C दर्ज हुआ, जबकि उमस के कारण महसूस होने वाला तापमान (feel-like) 40.3°C तक पहुँच गया। आर्द्रता 54% और हवा की गति मात्र 3.7 km/h रही, यानी शाम तक गर्मी और उमस का दबदबा बना रहा।
यह समय मानसून की वापसी का दौर है, इसलिए उत्तर भारत में दिन में गर्मी और उच्च आर्द्रता का मिश्रण आम है। Feel-like तापमान का वास्तविक तापमान से लगभग 6 डिग्री अधिक होना बताता है कि नमी शरीर की पसीने से ठंडक की प्रक्रिया को कितनी धीमी कर देती है — यही कारण है कि 34°C भी 40°C जैसा महसूस होता है।
प्रमुख शहरों में मौसम की स्थिति
IMD द्वारा 24 सितंबर 2026 को दर्ज शहर-वार अवलोकन इस प्रकार हैं:
- मुंबई: धुआँ/कुहासा, 30.2°C, आर्द्रता 74%
- बेंगलुरु: आम तौर पर बादल, 25.4°C, आर्द्रता 60% — सबसे सुहावना मौसम
- चेन्नई: बादल छाए, 34.2°C, आर्द्रता 41%
- हैदराबाद: धुंध, 28.8°C, आर्द्रता 80%
- कोलकाता: बीच-बीच में हल्की बारिश, 27.4°C, आर्द्रता 92%
- अहमदाबाद: धुआँ/कुहासा, 35.0°C, आर्द्रता 50% — सबसे अधिक तापमान
- पुणे: बादल छाए, 28.0°C, आर्द्रता 62%
इन आंकड़ों से साफ है कि पूर्वी तट (कोलकाता) में नमी और बारिश का दौर जारी है, जबकि पश्चिमी और उत्तरी शहरों में धुंध और गर्मी बनी हुई है।
अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान
IMD ने 24 सितंबर 2026 को अगले दो सप्ताह (24 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026) का विस्तारित रेंज पूर्वानुमान जारी किया। इसमें उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के दक्षिणी ओडिशा के ऊपर एक गहरे निम्न दबाव (Deep Depression) के प्रभाव का उल्लेख है, जिससे पूर्वी तट पर बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना है। ध्यान दें कि विस्तारित पूर्वानुमान सांकेतिक होता है — यह किसी विशेष स्थान के लिए निश्चित वर्षा की मात्रा की गारंटी नहीं देता। स्थानीय चेतावनियों के लिए IMD के जिला-वार अलर्ट देखते रहें।
El Niño और भारत की जलवायु का बड़ा संदर्भ
विश्व मौसम संगठन (WMO) ने 23 सितंबर 2026 को चेतावनी दी कि El Niño बहुत मजबूत होने की ओर है, जिससे 2027 तक चरम मौसमी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। भारत के लिए इसका मतलब मानसून की तीव्रता और वितरण में उतार-चढ़ाव हो सकता है, हालांकि यह संभाव्य आकलन है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
भारत की जलवायु अपने आप में बेहद विविध है। जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार थार रेगिस्तान में वार्षिक वर्षा 300 मिमी से कम होती है, जबकि पश्चिमी घाटों के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में 2000 मिमी से अधिक बारिश होती है। IMD चार मौसम मानता है — सर्दी, गर्मी, दक्षिण-पश्चिम मानसून और उत्तर-पूर्व मानसून।
"मौसम" खोज में रुचि क्यों बढ़ी?
Google Trends के अनुसार पिछले 12 महीनों में भारत में "मौसम" शब्द की खोज रुचि 60 के स्कोर पर रही और 10% की वृद्धि दर्ज हुई। मानसून की वापसी, त्योहारों का मौसम और बदलते तापमान के कारण लोग लगातार मौसम की जानकारी खोजते हैं। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए हमेशा IMD की आधिकारिक वेबसाइट या मौसम ऐप देखें।