कर्नाटक में नंदिनी दूध के दाम बढ़ने का प्रस्ताव: जानें क्या है नया रेट और कब से होगा लागू
कर्नाटक कैबिनेट ने नंदिनी दूध के दाम 8-10 रुपये बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, लेकिन MLC चुनाव आचार संहिता के कारण चुनाव आयोग की मंजूरी लंबित है।
07 Oct 2026, 22:02 UTC

नंदिनी दूध की कीमतों में वृद्धि का प्रस्ताव
कर्नाटक राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक के दौरान नंदिनी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मिल्क यूनियनों द्वारा दिए गए एक प्रस्ताव के बाद लिया गया है, जिसमें दूध के दामों में 8 से 10 रुपये प्रति किलोग्राम (या लीटर) की वृद्धि की मांग की गई थी स्रोत 2। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इस प्रस्ताव में 8 रुपये की बढ़ोतरी का समर्थन किया है स्रोत 2।
लागू होने की तिथि और चुनाव आयोग की भूमिका
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मूल्य वृद्धि अभी प्रभावी नहीं हुई है। राज्य में 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है, जिस वजह से अंतिम फैसले के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी लेना अनिवार्य है स्रोत 1। जब तक चुनाव आयोग की हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक रिटेल बाजार में दूध के दाम पुराने रेट पर ही रहेंगे स्रोत 2।
आम जनता और किसानों पर प्रभाव
दूध की कीमतों में इस संभावित बदलाव का असर केवल दूध तक सीमित नहीं रहेगा। विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि यदि दाम बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर अन्य डेयरी उत्पादों जैसे घी, पनीर, दही और छाछ की कीमतों पर पड़ेगा। इसके अलावा, चाय और कॉफी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है स्रोत 2।
वहीं, दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा।
राजनीतिक विवाद और अन्य शुल्क
इस फैसले का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन की विफलताओं का बोझ जनता पर डाल रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि दूध के साथ-साथ बस किराये में भी 10 से 13 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों, छात्रों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा स्रोत 1।
Sources & further reading
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