नक्सलवाद के बाद छत्तीसगढ़ में उभरते नए पर्यटन स्थल और प्राकृतिक खजाने
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के बाद बेंगपाल और कटुल कुडूम जैसे छिपे हुए जलप्रपात सामने आए हैं। प्रशासन अब इन दुर्गम क्षेत्रों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है।
18 Sept 2026, 20:04 UTC

छत्तीसगढ़ के बस्तर और सुकमा जैसे क्षेत्रों में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने के बाद अब राज्य के उन हिस्सों में प्रकृति की छिपी हुई सुंदरता सामने आ रही है, जो दशकों तक बाहरी दुनिया के लिए वर्जित थे। मार्च 2026 में बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे के बाद, प्रशासन अब इन दुर्गम इलाकों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को तलाश रहा है।
छिपे हुए प्राकृतिक खजानों की खोज
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से आम नागरिकों और अधिकारियों का पहुंचना नामुमकिन था, लेकिन अब कई अद्भुत जलप्रपात (waterfalls) दुनिया के सामने आए हैं। इनमें से दो प्रमुख स्थल इस प्रकार हैं:
- बेंगपाल झरना (सुकमा): सुकमा जिले के घने जंगलों में स्थित यह झरना लंबे समय तक अनदेखा रहा। 14 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कलेक्टर अमित कुमार और एसपी मयंक गुर्जर ने स्वयं इस स्थल का निरीक्षण किया। हालांकि, वन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि "झरने तक नीचे जाने वाला रास्ता बेहद संकरा, ढलानदार और जोखिमभरा है।"
- कटुल कुडूम जलप्रपात (कांकेर): कोयलीबेड़ा ब्लॉक के आलपरस ग्राम पंचायत में स्थित यह झरना कभी माओवादी कैडरों का गुप्त पिकनिक स्पॉट हुआ करता था। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जलप्रपात तीन चरणों (steps) में गिरता है, जिसमें पहला और तीसरा स्टेप 40 फीट का है और बीच में 10 फीट का ढलान है।
पर्यटन विकास और वर्तमान चुनौतियां
प्रशासनिक अधिकारियों ने इन स्थलों को नए टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। हालांकि, इसे वास्तविकता में बदलने के लिए कई बुनियादी चुनौतियों का सामना करना होगा। वर्तमान में इन स्थलों तक पहुंचना अत्यंत कठिन है।
उदाहरण के लिए, कटुल कुडूम तक पहुंचने के लिए कांकेर से 100 किमी की यात्रा के बाद भी कई किलोमीटर पैदल चलना और पहाड़ चढ़ना पड़ता है। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य अब सुरक्षित रास्तों और बुनियादी सुविधाओं का निर्माण करना है ताकि पर्यटकों के लिए यह सुरक्षित हो सके।
| स्थल | स्थान/जिला | विशेषता |
|---|---|---|
| बेंगपाल झरना | सुकमा, छत्तीसगढ़ | नक्सलवाद के बाद खोजा गया दुर्गम प्राकृतिक स्थल |
| कटुल कुडूम झरना | कांकेर, छत्तीसगढ़ | पूर्व माओवादी गुप्त स्थल; तीन-स्तरीय जलप्रपात |
Sources & further reading
- घने जंगल में छिपा था प्रकृति का अनोखा दृश्य, नक्सलवाद के कारण नहीं पहुंच पाते थे लोग, कलेक्टर-एसपी ने देखा तो हैरान रह गए - unique natural spectacle lay hidden deep within the dense forest people could not reach it due to naxalism collector
- The Katul Kudum waterfall in Koylibeda was once under Naxal control, but now its beauty is visible.
- Google Trends India: नक्सलवाद
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