संजय दत्त Controversy: 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान और AI-वीडियो विवाद का पूरा सच
संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान और उनके माफीनामे वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा है। जानिए क्या था पूरा मामला और क्या वास्तव में उनका वीडियो AI-जनरेटेड था।
06 Oct 2026, 12:03 UTC

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त हाल ही में एक टीवी शो में दिए गए अपने बयानों और उसके बाद जारी किए गए माफीनामे को लेकर चर्चा में हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने देश की शांति पर टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई कि क्या उनका स्पष्टीकरण वीडियो असली है या AI-जनरेटेड डीपफेक।
विवाद की शुरुआत: 'शेखर टुनाइट' और शांति पर टिप्पणी
2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) को प्रसारित शेखर सुमन के शो 'शेखर टुनाइट' में संजय दत्त ने देश के मौजूदा हालात पर बात करते हुए कहा कि उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। उन्होंने कहा, मुझे अब हमारे देश में वो शांति महसूस नहीं होती और प्रार्थना की कि वे दिन फिर लौट आएं [1]।
शो के एक विशेष सेगमेंट में, संजय दत्त ने अपने मशहूर किरदार 'मुन्नाभाई' के अंदाज में खुद को 5 मिनट के लिए प्रधानमंत्री मानकर एक व्यंग्यात्मक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कई ऐसी बातें कहीं जिन्हें सोशल मीडिया यूजर्स ने राजनीतिक तंज के रूप में देखा:
- विदेश दौरे: उन्होंने कहा कि पीएम बनने के बाद वह देश के लोगों के बीच रहेंगे और जश्न मनाने विदेश नहीं जाएंगे।
- गांधीगिरी और ट्रंप: उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'गांधीगिरी' सिखाने की बात कही ताकि वैश्विक शांति बनी रहे और मिसाइलों के बजाय 'प्यार एक्सपोर्ट' किया जाए।
- चौथा बंदर: गांधी जी के तीन बंदरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब एक चौथे बंदर की जरूरत है जो बुराई को देखे तो उसे ठीक भी करे।
माफीनामा और AI-जनरेटेड वीडियो का दावा
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद, संजय दत्त ने पहले फेसबुक पर एक लिखित स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियां एक स्क्रिप्टेड बातचीत का हिस्सा थीं और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश भी साझा किया जिसमें उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा कि शो की बातें उनकी निजी सोच नहीं थीं।
हालांकि, 5 अक्टूबर 2026 के आसपास यह वीडियो एक नए विवाद का केंद्र बन गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि यह माफीनामा वीडियो AI-generated है, क्योंकि उन्हें अभिनेता की आवाज और बोलने का अंदाज असामान्य लगा।
फैक्ट चेक: क्या वीडियो असली है?
आजतक द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह पुष्टि की गई है कि संजय दत्त का सफाई वीडियो पूरी तरह असली है [2]। भ्रम की मुख्य वजह यह थी कि अभिनेता ने इस वीडियो को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लगाया था, जो समय सीमा समाप्त होने के बाद हट गया। जब यह वीडियो अन्य स्रोतों से दोबारा वायरल हुआ, तो लोगों ने इसकी प्रामाणिकता पर संदेह किया।
निष्कर्ष: व्यंग्य और डिजिटल गलतफहमी
यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे एक स्क्रिप्टेड कॉमेडी सेगमेंट को वास्तविक राजनीतिक बयान मान लिया गया और बाद में एक वास्तविक वीडियो को AI-डीपफेक समझ लिया गया। संजय दत्त ने स्पष्ट किया है कि उनकी शैली 'मुन्नाभाई' फिल्मों के हास्य और व्यंग्य से प्रेरित थी, जिसका मूल उद्देश्य प्रेम और एकजुटता का संदेश देना था।
Sources & further reading
- संजय दत्त ने टीवी शो में ऐसा क्या कहा जिसकी हो रही है सोशल मीडिया पर चर्चा, बाद में अपने बयान को लेकर ये कहा - BBC News हिंदी
- 'भारत में शांति नहीं' बोलकर पछताए संजय दत्त, हाथ जोड़कर मांगी माफी, Video देख क्यों बोले यूजर्स- फेक है - Sanjay dutt clarification video over no peace in india real or ai fact check tmova - AajTak
- Google Trends India: संजय दत्त