लखनऊ पुलिस की चेतावनी: ग्रीन गैस मीटर अपडेट के नाम पर APK साइबर ठगी से बचें
सितंबर 2026 में लखनऊ पुलिस ने ग्रीन गैस (GGL) मीटर अपडेट के नाम पर APK फाइल भेजकर होने वाली साइबर ठगी के खिलाफ चेतावनी जारी की। जानें ठगी का तरीका और आधिकारिक संपर्क सूत्र।
14 Oct 2026, 12:40 UTC

सितंबर 2026 में 'लखनऊ पुलिस' गूगल ट्रेंड्स पर चर्चा का विषय बनी। यह सर्च स्पाइक तब आया जब पुलिस ने राजधानी लखनऊ में ग्रीन गैस लिमिटेड (GGL) के उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे एक खतरनाक APK-आधारित साइबर ठगी रैकेट के बारे में सार्वजनिक चेतावनी जारी की।
22 सितंबर 2026 का पुलिस अलर्ट और अभियान
दैनिक भास्कर की 22 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ में साइबर अपराधी उपभोक्ताओं को यह डर दिखाकर करोड़ों रुपये की चपत लगा रहे हैं कि उनका गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा या उनका मीटर और बिल अपडेट नहीं है। दैनिक भास्कर
इस खतरे को देखते हुए, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरन यादव ने जानकारी दी कि लखनऊ पुलिस, ग्रीन गैस कंपनी और रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) के साथ मिलकर विभिन्न सोसायटियों में जागरूकता अभियान चला रही है ताकि लोग इस जाल में न फंसें।
ठगी का तरीका: 'Meter Update.apk' का खतरा
साइबर अपराधी एक सोचे-समझे पैटर्न का पालन कर रहे हैं। वे SMS, WhatsApp या फोन कॉल के जरिए खुद को ग्रीन गैस का प्रतिनिधि बताते हैं और दावा करते हैं कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो गैस सप्लाई बंद हो जाएगी।
- फाइल भेजना: ठग 'Meter Update.apk' या 'Green Gas Meter Update' नाम से एक फाइल भेजते हैं और उसे इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं।
- रिमोट एक्सेस: जैसे ही उपयोगकर्ता इस APK फाइल को इंस्टॉल करता है, अपराधियों को पीड़ित के मोबाइल का पूरा रिमोट एक्सेस मिल जाता है।
- डेटा चोरी: इस एक्सेस के जरिए वे बैंकिंग डेटा चुराकर बैंक खातों को खाली कर देते हैं।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ठग इस चोरी के पैसे का उपयोग दूसरों के बिजली, क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बिल भरने के लिए करते हैं। वे आम लोगों को डिस्काउंट या कमीशन का लालच देकर उनसे नकद लेते हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे संदिग्ध बिल भुगतान में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
आधिकारिक संपर्क सूत्र और सुरक्षा उपाय
लखनऊ पुलिस और GGL ने उपभोक्ताओं के लिए निम्नलिखित आधिकारिक माध्यम साझा किए हैं:
| माध्यम | आधिकारिक विवरण |
|---|---|
| कस्टमर केयर नंबर | 6390905003 |
| ऑफिशियल ऐप | GGL Engage App |
| आधिकारिक ईमेल | [contact removed] |
| SMS हेडर | GGLPNG-S |
बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें
- क्या न करें: किसी अनजान लिंक या अज्ञात सोर्स से APK फाइल डाउनलोड न करें। OTP, CVV, कार्ड डिटेल्स या बैंकिंग PIN साझा न करें। AnyDesk या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप का उपयोग अनजान व्यक्ति के साथ न करें।
- क्या करें: किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज का वेरिफिकेशन हमेशा ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट से करें। बुजुर्गों को इस फ्रॉड के प्रति जागरूक करें।
- शिकायत: साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या क्राइम ब्रांच (ऑर्गेनाइज्ड क्राइम) हेल्पलाइन 7839861034 पर कॉल करें।
अन्य शहरों में समान पैटर्न
गैस कनेक्शन के नाम पर ठगी का यह तरीका केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। 22 सितंबर 2026 को हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के अनुसार, फरीदाबाद में भी एक व्यक्ति से अदाणी गैस का बकाया बिल भरने के नाम पर ढाई लाख रुपये ठग लिए गए। हिंदुस्तान हालांकि, फरीदाबाद के मामले में लिंक के जरिए क्रेडिट कार्ड विवरण मांगे गए थे, जबकि लखनऊ का मामला विशेष रूप से APK फाइल और रिमोट एक्सेस से जुड़ा है।
Sources & further reading
0 replies
A thoughtful contribution can make all the difference. Be the first to share one.