पूजा पाल साइबर फ्रॉड मामला: विधायक के खाते से ₹1.55 लाख की अनधिकृत निकासी
कौशांबी की विधायक पूजा पाल के यूनियन बैंक खाते से PhonePe के जरिए ₹1.55 लाख की ठगी हुई है। iPhone हैकिंग की आशंका के बीच प्रयागराज के धूमनगंज थाने में FIR दर्ज की गई है।
17 Oct 2026, 18:14 UTC

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल साइबर ठगी का शिकार हुई हैं। उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से PhonePe और UPI के माध्यम से लगभग 1.55 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी की गई है। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक प्रतिनिधियों और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण और समयसीमा
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह धोखाधड़ी एक बार में नहीं बल्कि कई किश्तों में की गई। 22 अगस्त से 13 सितंबर 2026 के बीच विधायक पूजा पाल के खाते से लगातार रकम निकाली गई। उन्हें इस वित्तीय अनियमितता की जानकारी 14 सितंबर को हुई, जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की और कई ऐसे ट्रांजैक्शन पाए जो उनकी जानकारी के बिना किए गए थे [3]।
मुख्य विवरण एक नज़र में:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल ठगी गई राशि | लगभग ₹1,55,000 |
| घटना की अवधि | 22 अगस्त से 13 सितंबर 2026 |
| प्रभावित बैंक | यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (धूमनगंज शाखा, प्रयागराज) |
| उपयोग किया गया माध्यम | PhonePe और UPI |
iPhone हैकिंग और डेटा लीक की आशंका
विधायक पूजा पाल ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि उनके iPhone 17 (कुछ रिपोर्टों में iPhone 17 Air) को हैक किया गया था [2]। उनका मानना है कि हैकिंग के जरिए न केवल उनके बैंकिंग विवरण प्राप्त किए गए, बल्कि उनके निजी और महत्वपूर्ण डेटा तक भी अनधिकृत पहुंच बनाई गई होगी [1]। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि सभी संदिग्ध UPI ट्रांजैक्शन, UTR और ट्रांजैक्शन आईडी की गहन तकनीकी जांच की जाए ताकि रकम की रिकवरी हो सके।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएं
इस मामले में प्रयागराज के धूमनगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है [2]।
वर्तमान में, साइबर क्राइम सेल की टीम मोबाइल डिवाइस, PhonePe लॉग्स और बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपराधी ने किस माध्यम से सिस्टम में सेंध लगाई।
डिजिटल सुरक्षा का महत्व
यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब केवल आम नागरिकों को ही नहीं, बल्कि विधायकों और अन्य प्रभावशाली हस्तियों को भी निशाना बना रहे हैं। डिजिटल लेनदेन के दौर में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) और नियमित पासवर्ड बदलाव जैसे सुरक्षा उपाय अनिवार्य हो गए हैं। इस संदर्भ में, पासवर्ड सुरक्षा के सर्वोत्तम तरीकों को समझना हर उपयोगकर्ता के लिए आवश्यक है ताकि ऐसे फ्रॉड से बचा जा सके।
Sources & further reading
- पूजा पाल के साथ हुआ साइबर फ्रॉड, अकाउंट से निकले डेढ़ लाख - up mla pooja pal bank account cyber fraud FIR Kaushambi ntc acwi - AajTak
- साइबर ठगों के निशाने पर चायल विधायक, पूजा पाल के खाते से उड़ाए 1.55 लाख रुपये; धूमनगंज थाने में दर्ज कराई FIR - cyber fraudsters withdrew money from chayal mla pooja pal bank account - Navbharat Times
- Kaushambi MLA Pooja Pal Bank Fraud Case | Prayagraj Cyber Crime Update
- Google Trends India: पूजा पाल
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