सीमापुरी बिल्डिंग हादसा: 5 मौतें, गुलाफ्शा की आखिरी कॉल और दिल्ली में 3 साल में 1133 इमारतें गिरने के आंकड़े
7 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के न्यू सीमापुरी में चार मंजिला इमारत गिरने से 5 लोगों की मौत हुई और 8 घायल हुए। जानें रेस्क्यू अपडेट, गुलाफ्शा की कहानी और दिल्ली में 3 साल में 1133 बिल्डिंग हादसों के आंकड़े।
13 Oct 2026, 02:09 UTC

दिल्ली के न्यू सीमापुरी में 7 अक्टूबर 2026 को ईदगाह मछली मंडी के पास एक चार मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 घायल हुए हैं। इसी घटना के बाद Google Trends पर 'सीमापुरी' के लिए पिछले 24 घंटों में करीब 2000 सर्च दर्ज किए गए — यह आंकड़ा सिर्फ सर्च रुचि दर्शाता है, खबर की पुष्टि नहीं करता। नीचे सीमापुरी बिल्डिंग हादसे की पूरी तस्वीर, रेस्क्यू की स्थिति और दिल्ली में इमारत गिरने के बड़े आंकड़े समझिए।
हादसा कब और कैसे हुआ?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा बुधवार 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 3.10 बजे हुआ, जबकि फायर कंट्रोल को 3:15 बजे सूचना मिली। इमारत ईदगाह मस्जिद के पास स्थित थी और इलाका घनी आबादी वाला है, जिसकी संकरी गलियों के कारण बचाव अभियान में काफी दिक्कत आई। रेस्क्यू टीमों ने चार JCB मशीनें, एंबुलेंस और स्निफर डॉग्स की मदद ली।
इमारत के गिरने से पास की दो अन्य इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं, ईदगाह की बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचा और बिजली के खंभे व तार टूटने के बाद इलाके की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
5 मौतें और 8 घायल: कौन-कौन शामिल
बुधवार को पहले तीन मौतों की पुष्टि हुई थी, जिनमें करीब 12 साल की एक बच्ची और 21 साल की गर्भवती महिला गुलाफ्शा शामिल थीं। गुरुवार 8 अक्टूबर को मलबे से नुसरत उर्फ गुड़िया और हाजरा बीबी के शव निकाले गए, जिससे मरने वालों की संख्या पांच हो गई। घायलों को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर भेजा गया। रिपोर्ट के समय अधिकारियों ने मलबे में दो-तीन लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका जताई थी, इसलिए यह आंकड़ा बदल सकता है।
गुलाफ्शा की आखिरी कॉल
नवभारत टाइम्स की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक चार महीने की गर्भवती गुलाफ्शा मलबे में करीब ढाई घंटे तक जिंदा दबी रही। उसने अपने पिता को फोन कर बचाने की गुहार लगाई और शाम 6.30 बजे उसका आखिरी कॉल आया। रेस्क्यू टीम रात 9.30 बजे तक उस तक पहुंची, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह विवरण अखबार की रिपोर्ट पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इमारत कितनी पुरानी थी और वजह क्या?
MCD के अनुसार इमारत दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की करीब 25 वर्ग गज जमीन पर बनी 20-25 साल पुरानी ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की संरचना थी। हालांकि स्थानीय लोगों के मुताबिक इसमें पांच मंजिलें थीं। नवभारत टाइम्स से बातचीत में पड़ोसी सलाम ने दावा किया कि शुरू में यह दो मंजिला इमारत थी, दो साल पहले दो मंजिलें और जोड़ी गईं और इस साल दो और मंजिलें बनाई गईं।
स्थानीय लोगों ने MCD अधिकारियों को बताया कि एक दिन पहले आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं और मालिक इमारत खाली कराने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है, और अधिकारियों के अनुसार असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
दिल्ली में बिल्डिंग हादसों का बड़ा आंकड़ा
दैनिक भास्कर के आंकड़ों के अनुसार 2022 से 2025 तक दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं सामने आईं, जिनमें 98 लोगों की मौत हुई। आज तक ने इसे '31 दिन बाद दिल्ली में फिर इमारत हादसा' बताया — इससे पहले सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने से छह लोगों की मौत हुई थी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 7 अक्टूबर 2026, दोपहर करीब 3.10 बजे |
| स्थान | न्यू सीमापुरी, ईदगाह मछली मंडी के पास |
| मौतें (गुरुवार तक) | 5 |
| घायल | 8 (राजीव गांधी अस्पताल, ताहिरपुर) |
| इमारत की उम्र | 20-25 साल (MCD) |
| दिल्ली में 2022-25 में हादसे | 1133 मामले, 98 मौतें |
क्या आगे?
पुलिस और MCD की जांच से तय होगा कि गिरावट की वजह पुरानी संरचना थी, बाद में जोड़ी गई मंजिलें या कोई और कारण। तब तक मृतकों की संख्या और फंसे लोगों की स्थिति के आंकड़े बदल सकते हैं। पाठक ताजा आधिकारिक अपडेट के लिए दिल्ली पुलिस और MCD की घोषणाओं पर नजर रखें।
Sources & further reading
- 31 दिन बाद दिल्ली में फिर इमारत हादसा, सीमापुरी में 4 मंज़िला मकान ढहा - short-videos AajTak
- Delhi Seemapuri Building Collapse | Rescue Operations Underway
- 'प्लीज पानी दो, अब्बू मैं मरना नहीं चाहती; फोन पर कराहती रही दिल्ली की प्रेग्नेंट गुलाफ्शा, 4 मंजिला बिल्डिंग के मलबे में मौत - painful pregnant muslim women died in seemapuri delhi building collapse - Navbharat Times
- Google Trends India: सीमापुरी
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