रामदास आठवले: एसआईआर पर 13 करोड़ वोट के दावे और CEC इस्तीफे की मांग पर उनका रुख
रामदास आठवले ने 13 करोड़ वोट कटने के विपक्षी दावे को भ्रामक बताया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अनुचित कही। जानें 28 सितंबर और 6 अक्टूबर 2026 के बयानों का पूरा संदर्भ।
09 Oct 2026, 22:43 UTC

रामदास आठवले ने एसआईआर और CEC इस्तीफे पर क्या कहा
रामदास आठवले केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री हैं और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी। उन्होंने मतदाता सूची की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का खुला समर्थन किया है और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग को गलत ठहराया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि उनके ये बयान एक ही दिन के नहीं हैं। CEC पर उनका रुख अमर उजाला की 28 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में दर्ज है, जबकि 13 करोड़ वोट के दावे पर प्रतिक्रिया जागरण की 6 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट और इंडिया गठबंधन से जुड़ी टिप्पणी एबीपी लाइव की उसी दिन की रिपोर्ट में मिलती है। तीनों रिपोर्टों में इस प्रक्रिया को केवल 'SIR' लिखा गया है; उसका पूरा नाम या औपचारिक विस्तार इनमें नहीं दिया गया है।
13 करोड़ वोट कटने का दावा: विपक्ष का आरोप, आठवले का खंडन
जागरण की 6 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, आठवले ने विपक्ष के इस दावे को भ्रामक कहा कि एसआईआर से 13 करोड़ वोट कट जाएंगे, और इसे पूरी तरह असत्य बताया। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि उन्होंने विपक्ष पर एसआईआर के नाम पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
यहां एक बात साफ रखनी जरूरी है। 13 करोड़ का आंकड़ा विपक्ष का दावा है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे किसी आधिकारिक आंकड़े से न सही ठहराया गया है, न खारिज किया गया है। आठवले का खंडन उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है; यह निर्वाचन आयोग का आधिकारिक बयान नहीं है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आठवले का तर्क
अमर उजाला की 28 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, आठवले ने एसआईआर के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगने को सरासर अनुचित बताया और कहा कि उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची के समय-समय पर पुनरीक्षण को पारदर्शी और भरोसेमंद चुनाव के लिए जरूरी कहा, और निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताया।
उसी रिपोर्ट के मुताबिक, उनका यह भी कहना था कि निर्वाचन आयोग अपने आंतरिक कामकाज पर आधिकारिक स्पष्टीकरण दे चुका है, इसलिए किसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर बिना ठोस आधार सवाल उठाना उचित नहीं, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के भरोसे को नुकसान पहुंच सकता है। रिपोर्ट में यह भी है कि आरपीआई (आठवले) एसआईआर का समर्थन करती है, क्योंकि उसका मकसद पात्र मतदाताओं का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि सूची को अधिक साफ, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
इंडिया गठबंधन में मतभेद और 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिप्पणी
एबीपी लाइव की 6 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, आठवले ने कहा कि इंडिया गठबंधन के दलों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद हैं — अखिलेश यादव, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल तथा राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की बातें अलग-अलग हैं, इसलिए गठबंधन में एकमत नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि इस मसले पर आंदोलन की जरूरत नहीं है और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।
उसी रिपोर्ट में सीजेपी (CJP) के अभिजीत दीपके की ओर से 10 अक्टूबर को घोषित प्रदर्शन पर भी उनकी प्रतिक्रिया दर्ज है। आठवले ने कहा कि दीपके पहले NEET पेपर लीक मामले पर खड़े हुए थे, इसलिए इस्तीफे की मांग को लेकर दोबारा प्रदर्शन की जरूरत नहीं; साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के बारे में गलत टिप्पणी न करने की सलाह दी। यह प्रदर्शन 6 अक्टूबर 2026 को घोषित किया गया था, यानी उस समय यह एक प्रस्तावित कार्यक्रम था; उपलब्ध स्रोतों में इसके आयोजन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
तारीखों के साथ बयानों का सार
| तारीख | स्रोत | रिपोर्ट में दर्ज आठवले की स्थिति |
|---|---|---|
| 28 सितंबर 2026 | अमर उजाला | CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग अनुचित; मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण जरूरी; निर्वाचन आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था |
| 6 अक्टूबर 2026 | जागरण | एसआईआर पर 13 करोड़ वोट कटने का दावा भ्रामक और असत्य |
| 6 अक्टूबर 2026 | एबीपी लाइव | इंडिया गठबंधन में मतभेद; आंदोलन की जरूरत नहीं; CEC इस्तीफा नहीं देंगे |
सर्च ट्रेंड और इस बहस में आगे क्या देखें
Google Trends India के 8 अक्टूबर 2026 को दर्ज डेटा के अनुसार, 'रामदास आठवले' पिछले 24 घंटे में ट्रेंडिंग शब्दों में शामिल रहा, जिसमें लगभग 5,000 अनुमानित सर्च और 800% की वृद्धि दर्ज हुई। यह आंकड़ा केवल खोज रुझान बताता है — यह किसी समाचार दावे की सच्चाई का या किसी वेबसाइट के ट्रैफिक का प्रमाण नहीं है।
असली विवाद एक सवाल पर टिका है: क्या एसआईआर से पात्र मतदाता बाहर हो रहे हैं या सूची सिर्फ अपडेट हो रही है। आठवले का रुख साफ है — वे इसे सूची की शुद्धता का अभियान मानते हैं और इस्तीफे की मांग को राजनीतिक दबाव। लेकिन यह उनकी पार्टी और पद की स्थिति है, निर्वाचन आयोग की नीति नहीं। एसआईआर की प्रक्रियागत बारीकियों, समयसीमा और अपील के विकल्पों के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक दस्तावेज ही अंतिम आधार हैं।
Sources & further reading
- राहुल गांधी के धरने पर रामदास अठावले बोले, 'इंडिया गठबंधन में...' | Ramdas Athawale Union Minister on Congress Rahul Gandhi protest Abhijeet Dipke CJP Protest CEC Gyanesh Kumar
- 'SIR के नाम पर देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल गांधी और विपक्ष', बोले रामदास आठवले - ramdas athawale opposition misleading on sir voter list
- एसआईआर को लेकर बढ़ी सियासी हलचल:रामदास आठवले बोले- सीईसी के इस्तीफे की मांग उचित नहीं - Political Stir Over Sir Ramdas Athawale Says Demand For Cec's Resignation Is Unjustified. - Amar Ujala Hindi News Live
- Google Trends India: रामदास आठवले
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