लिस्टिंग क्या होती है? LCC Projects की 31% प्रीमियम एंट्री और लोअर सर्किट की पूरी कहानी
17 सितंबर 2026 को 'लिस्टिंग' सर्च में 700% उछाल की वजह थी LCC Projects की शेयर बाजार में एंट्री — 31% लिस्टिंग गेन, फिर लोअर सर्किट। जानें लिस्टिंग का मतलब और पूरा ब्योरा।
18 Sept 2026, 15:57 UTC

17 सितंबर 2026 को Google Trends India पर 'लिस्टिंग' शब्द की सर्च में करीब 700% की उछाल दर्ज की गई — पिछले 24 घंटों में लगभग 5,000 सर्च। इसकी वजह थी एलसीसी प्रोजेक्ट्स (LCC Projects) के शेयरों की शेयर बाजार में एंट्री। 49 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुए इस IPO के शेयर ₹146 के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 31% प्रीमियम पर लिस्ट हुए, लेकिन पहले ही दिन लोअर सर्किट पर भी पहुंच गए। आइए समझते हैं कि लिस्टिंग का मतलब क्या है और इस दिन असल में क्या हुआ।
लिस्टिंग का मतलब क्या होता है?
जब कोई कंपनी IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफर) के जरिए पैसा जुटाती है, तो उसके शेयर पहली बार BSE और NSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदे-बेचे जाने लगते हैं — इसी प्रक्रिया को लिस्टिंग कहते हैं। लिस्टिंग के दिन जो कीमत पर शेयर का पहला कारोबार होता है, उसे लिस्टिंग प्राइस कहा जाता है। अगर यह कीमत IPO के इश्यू प्राइस से ऊपर हो, तो उसे 'लिस्टिंग गेन' और नीचे हो तो 'लिस्टिंग लॉस' कहा जाता है। ध्यान दें कि लिस्टिंग गेन सिर्फ पहले सत्र का आंकड़ा होता है — कीमतें हर दिन बदलती रहती हैं।
LCC Projects की लिस्टिंग: 31% गेन से लोअर सर्किट तक
Moneycontrol Hindi की 17 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, एलसीसी प्रोजेक्ट्स का ₹427 करोड़ का IPO 9–11 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और ओवरऑल 49.57 गुना भरा गया। ₹146 प्रति शेयर के भाव पर जारी शेयर 17 सितंबर को BSE पर ₹191.90 और NSE पर ₹189.00 पर लिस्ट हुए — यानी करीब 31% का लिस्टिंग गेन।
लेकिन निवेशकों की खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी। शेयर टूटकर BSE पर ₹172.75 के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले कारोबारी दिन के अंत में IPO निवेशक 18.32% के मुनाफे में रहे। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आंकड़े सिर्फ 17 सितंबर 2026 के डेब्यू सेशन के हैं; मौजूदा कीमत जानने के लिए BSE/NSE की वेबसाइट देखें।
सब्सक्रिप्शन का ब्योरा
- कुल सब्सक्रिप्शन: 49.57 गुना
- QIB (संस्थागत निवेशक): 78.73 गुना
- NII (गैर-संस्थागत): 64.91 गुना
- रिटेल निवेशक: 26.34 गुना
IPO का पैसा कहां जाएगा?
इस IPO में ₹258 करोड़ के नए शेयर जारी हुए, जबकि ₹5 फेस वैल्यू के 1,15,85,000 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिके। OFS का पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को मिलता है, कंपनी को नहीं। नए शेयरों से जुटाई रकम में से ₹14.69 करोड़ इक्विपमेंट खरीदने, ₹180 करोड़ कर्ज घटाने और बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी।
कंपनी क्या करती है?
एलसीसी प्रोजेक्ट्स सिंचाई और पेयजल आपूर्ति से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) सेवाएं देती है। कंपनी बांध, बैराज, नहरें और पाइप डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बना चुकी है। मार्च 2026 तक इसके ऑर्डर बुक में 103 प्रोजेक्ट्स थे और कारोबार गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में फैला है। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024–26 के बीच शुद्ध मुनाफा 53% से अधिक की CAGR से बढ़कर ₹286.44 करोड़ और कुल आय ₹3,639.45 करोड़ पर पहुंची, जबकि मार्च 2026 तिमाही के अंत में कंपनी पर ₹860.65 करोड़ का कुल कर्ज था।
निवेशकों के लिए क्या सीख?
लिस्टिंग डे का प्रीमियम या गिरावट किसी कंपनी की लंबी अवधि की सेहत नहीं बताते। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में कुछ रिपोर्ट्स में 43% तक के गेन की उम्मीद जताई गई थी, जबकि असली डेब्यू करीब 31% पर हुआ — यानी अनुमान और हकीकत में फर्क हो सकता है। IPO में निवेश से पहले कंपनी का प्रॉस्पेक्टस (RHP), कर्ज और ऑर्डर बुक जैसे आंकड़े जरूर देखें। यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं — बाजार जोखिमों के अधीन है और कोई भी फैसला लेने से पहले सेबी-रजिस्टर्ड सलाहकार से परामर्श करें।
Sources & further reading
0 replies
A thoughtful contribution can make all the difference. Be the first to share one.