प्रशांत महासागर में तीन तूफानों का दुर्लभ संयोग: चोई-वान, नोलो और कोगुमा
पश्चिमी प्रशांत में एक साथ तीन उष्णकटिबंधीय तूफान—चोई-वान, नोलो और कोगुमा—सक्रिय हैं। यह दुर्लभ घटना लगभग पांच साल बाद अक्टूबर में देखी गई है, जिससे जापान के तटों पर ऊंची लहरों का खतरा बढ़ा है और भारतीय खोजों में 'प्रशांत महासागर' 500% उछला।
09 Oct 2026, 22:22 UTC

क्यों ट्रेंड में है 'प्रशांत महासागर'?
गूगल ट्रेंड्स के अनुसार पिछले 24 घंटे में 'प्रशांत महासागर' के लिए भारतीय खोजों में 500 % की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 7 अक्टूबर 2026 को पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक साथ तीन उष्णकटिबंधीय प्रणालियों के सक्रिय होने से जुड़ी है। सर्च उछाल की पुष्टि।
तीनों तूफानों की वर्तमान स्थिति और ताकत
टाइफून चोई-वान
चोई-वान जापान के ओगासावारा द्वीपों से उत्तर की ओर लगभग 30 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार इसकी केन्द्रीय वायुदाब 960 हेक्टोपास्कल है, लगातार हवा की गति 144 किमी/घंटा और झोंकों की गति 198 किमी/घंटा तक दर्ज की गई है। स्रोत 1 के अनुसार, बुधवार तक इसके उत्तर‑पूर्व की ओर मुड़ने और धीरे‑धीरे कमजोर होने का अनुमान है, लेकिन इससे उठी लहरों का असर कुछ समय तक रह सकता है।
टाइफून नोलो (श्रेणी‑3)
नोलो अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा के पास पश्चिम दिशा में लगभग 31 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। मियामी स्थित राष्ट्रीय तूफान केंद्र के मुताबिक इसकी अधिकतम लगातार हवा की गति 185 किमी/घंटा (115 मील/घंटा) दर्ज की गई है, जिससे इसे श्रेणी‑3 का तूफान माना गया है। स्रोत 2 के अनुसार, यह तूफान करीब एक सप्ताह पहले हवाई के पास से गुजरा था, फिर कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया, लेकिन शुक्रवार को इसने दोबारा ताकत हासिल की और शनिवार को श्रेणी‑3 तक पहुंच गया।
ट्रॉपिकल स्टॉर्म कोगुमा
कोगुमा तीनों में सबसे नया तूफान है। यह सोमवार को मार्शल द्वीप समूह के पास बना और मंगलवार को उत्तर‑पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। उस समय इसकी लगातार हवा की गति लगभग 65 किमी/घंटा और झोंकों की गति 90 किमी/घंटा थी, जबकि केन्द्रीय वायुदाब 1000 हेक्टोपास्कल था। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सप्ताहांत तक यह टाइफून की ताकत हासिल कर सकता है, जिसका केन्द्रीय वायुदाब 950 हेक्टोपास्कल और अधिकतम हवा 144 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
जापान और समुद्री मार्गों पर संभावित असर
हालांकि तीनों तूफान एक‑दूसरे से काफी दूर हैं और जापान के मुख्य द्वीपों पर बड़े नुकसान का खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन ओगासावारा, इजू द्वीपों और होंशू के प्रशांत तट पर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। समुद्री यातायात और तटीय गतिविधियों के लिए सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की गई है। जापान वेदर एसोसिएशन के अनुसार अक्टूबर में तीन ट्रॉपिकल सिस्टम का एक साथ सक्रिय होना असामान्य है—पहले ऐसा करीब पांच साल पहले हुआ था। इस साल 6 अक्टूबर तक पश्चिमी प्रशांत में 29 टाइफून दर्ज किए गए हैं, जबकि दीर्घकालिक औसत लगभग 20 रहता है।
क्या ध्यान रखना चाहिए
- मौसम विभाग तीनों प्रणालियों की दिशा और तीव्रता पर नजर रख रहा है, खासकर कोगुमा पर क्योंकि यह और मजबूत हो सकता है।
- समुद्री यात्री, मछुआरे और तटीय समुदाय आधिकारिक परामर्शों का पालन करें।
- भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए सीधा खतरा नहीं है, लेकिन वैश्विक मौसम पैटर्न और समुद्री लॉजिस्टिक्स पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
Sources & further reading
- प्रशांत महासागर में तूफानों की तिकड़ी, 5 साल बाद अक्टूबर में एक साथ 3 सिस्टम एक्टिव - western pacific ocean three storms japan high waves - AajTak
- आ रहा भीषण चक्रवात नोलो, 185 की रफ्तार से चल रहीं तेज हवाएं; कई इलाकों में अलर्ट जारी, International Hindi News - Hindustan
- Google Trends India: प्रशांत महासागर
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