'मस्जिद' क्यों ट्रेंड हुआ: पाकिस्तान के कोहाट में नमाज़ के दौरान हमले की पूरी कहानी
19–20 सितंबर 2026 को भारत में 'मस्जिद' क्यों ट्रेंड हुआ? पाकिस्तान के कोहाट में पुलिस परिसर की मस्जिद पर कार बम हमला, 20 घंटे की मुठभेड़ और बदलते मृत्यु आंकड़ों की पूरी व्याख्या।
13 Oct 2026, 16:26 UTC

19–20 सितंबर 2026 को भारत में Google पर 'मस्जिद' खोजने वालों की संख्या में करीब 100% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस ट्रेंड की वजह पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत के कोहाट शहर में हुआ एक बड़ा आतंकी हमला था — जिसमें शुक्रवार की नमाज़ के दौरान पुलिस परिसर के अंदर बनी मस्जिद में विस्फोटक लदी कार टकराई और उसके बाद करीब 20 घंटे तक मुठभेड़ चली।
18 सितंबर 2026 को क्या हुआ?
BBC हिंदी की 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, कोहाट के ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर में स्थानीय समय से दोपहर करीब 1.15 बजे, जुमे की नमाज़ चल रही थी, तभी विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी मस्जिद की इमारत से टकरा गई। धमाके के बाद हथियारबंद चरमपंथी परिसर में घुस गए और गोलीबारी शुरू हो गई।
हमले के वक्त परिसर की मस्जिद में पुलिसकर्मी और उनके परिवार के लोग नमाज़ पढ़ रहे थे, जैसा कि आजतक की 19 सितंबर की रिपोर्ट में बताया गया। यह कोई सामान्य पुलिस चौकी नहीं थी — ओल्ड पुलिस लाइंस जिला स्तर का बड़ा पुलिस मुख्यालय है, जहां काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) और स्पेशल ब्रांच जैसी अहम इकाइयों के दफ्तर हैं।
मृतकों के आंकड़े अलग-अलग क्यों रहे?
इस घटना की रिपोर्टिंग में मौतों का आंकड़ा समय के साथ बदलता रहा, इसलिए अलग-अलग खबरों में अलग-अलग संख्याएं दिखीं:
- 18 सितंबर (BBC हिंदी): 21 मृत, जिनमें 15 पुलिसकर्मी शामिल; छह चरमपंथी मारे गए और तलाशी अभियान जारी।
- 19 सितंबर (आजतक): कम से कम 16 मृत और 57 घायल।
- बाद की रिपोर्ट (दैनिक भास्कर): 31 मृत, जिनमें 16 पुलिसकर्मी, और 100 से ज्यादा घायल।
ऐसे मामलों में शुरुआती आंकड़े अक्सर बदलते हैं, क्योंकि घायलों की हालत गंभीर होती है और मलबे से बचाव कार्य जारी रहता है। इसलिए किसी एक तारीख़ की रिपोर्ट को अंतिम आंकड़ा नहीं मानना चाहिए।
20 घंटे की मुठभेड़ और ऑपरेशन का अंत
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, धमाके के बाद कुछ हमलावर परिसर की स्पेशल ब्रांच की इमारत में छिप गए और सुरक्षाबलों के साथ रातभर गोलीबारी होती रही। शनिवार को प्रांत की पुलिस ने बताया कि करीब 20 घंटे चले ऑपरेशन में 8 उग्रवादी मारे गए और मुठभेड़ खत्म हुई। सुरक्षा कारणों से कोहाट-हंगू रोड भी बंद कर दी गई थी।
जिम्मेदारी किसने ली?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, हमले की जिम्मेदारी इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान (IMP) नामक संगठन ने ली। यह गठबंधन अप्रैल 2025 में बना था और इसमें हाफिज़ गुल बहादुर ग्रुप समेत कई उग्रवादी गुट शामिल बताए जाते हैं। ध्यान दें कि यह दावा एक ही स्रोत पर आधारित है और इसे स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं माना जाना चाहिए।
बड़ा संदर्भ: पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी घटनाएं
भास्कर की रिपोर्ट में PICSS के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि जनवरी से अगस्त 2026 तक पाकिस्तान में 990 मिलिटेंट हमले दर्ज किए गए, जिनमें 1,126 लोगों की जान गई। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 में पाकिस्तान को दुनिया का दूसरा सबसे आतंक-प्रभावित देश बताया गया है। खैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने हमले की निंदा की और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता देने के निर्देश दिए, जबकि गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने भी दुख जताया। यह घटना अब करीब तीन सप्ताह पुरानी है और ट्रेंड अभी सक्रिय नहीं है; यह लेख उस समय के ट्रेंड की व्याख्या के तौर पर प्रस्तुत है।
Sources & further reading
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