कर्मचारी ट्रेंड: मध्य प्रदेश प्रमोशन योजना और छत्तीसगढ़ योग्यता विवाद
4 अक्टूबर 2026 को कर्मचारी ट्रेंड के पीछे मध्य प्रदेश में जनवरी 2027 से प्रस्तावित दूसरे प्रमोशन चरण और छत्तीसगढ़ अंबिकापुर में नाप-तौल इंस्पेक्टर पद पर योग्यता विवाद है।
15 Oct 2026, 23:08 UTC

कर्मचारी शब्द 4 अक्टूबर 2026 को Google Trends India पर लगभग 2,000 अनुमानित खोजों के साथ 300% वृद्धि के साथ देखा गया। यह खोज रुचि मध्य भारत में सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी दो अलग-अलग चर्चाओं से जुड़ी है। एक तरफ मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्ति से पहले प्रमोशन देने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में तकनीकी पद पर योग्यता के बिना प्रमोशन की कोशिश को लेकर सवाल उठे हैं।
मध्य प्रदेश में रिटायरमेंट से पहले प्रमोशन की तैयारी
मोहन यादव सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग से कहा है कि जनवरी 2027 से प्रस्तावित दूसरे प्रमोशन चरण की तैयारी जल्द पूरी की जाए। इस चरण में उन कर्मचारियों को वरीयता देने की बात कही गई है जिनकी रिटायरमेंट में एक से दो साल का समय बचा है। इसका मकसद विभागीय पदोन्नति समिति के जरिए लंबित मामलों को नियमित करना है ताकि कानूनी अड़चनों से कोई कर्मचारी वंचित न रहे। Naidunia की 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार यह जनवरी 2027 एक नियोजित लक्ष्य है, कानूनी रूप से प्रभावी तिथि नहीं।
2016 से चले आ रहे विवाद के कारण पहला प्रमोशन 2026 में मिला। अब भी करीब 50 हजार प्रमोशन लंबित बताए गए हैं। प्रशासनिक कैडर में ग्रेड-2 से ग्रेड-1, सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव तक और इंजीनियरिंग में असिस्टेंट इंजीनियर से Engineer-in-Chief तक के पद इस दायरे में हैं।
शिक्षकों के प्रमोशन और समीक्षा बैठक
शिक्षा विभाग में शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़ी समस्या के कारण लगभग 30 हजार शिक्षकों का प्रमोशन अटका था। विभाग ने इसका समाधान निकालने की बात कही है और दिसंबर 2026 से पहले पदोन्नति की योजना बताई गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कर्मचारी कल्याण पर समीक्षा बैठक के लिए विभागवार आंकड़े मांगे हैं। इसमें पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति और सीधी भर्ती के लंबित मामले शामिल हैं। ETV Bharat की 25 सितंबर 2026 की कवरेज के अनुसार कर्मचारी संगठनों ने बैठक जल्द बुलाने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में तकनीकी योग्यता को लेकर सवाल
अंबिकापुर में नाप-तौल विभाग में इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन को लेकर विवाद सामने आया है। इस पद के लिए ग्रेजुएशन में फिजिक्स या इंजीनियरिंग की डिग्री नियम में तय है क्योंकि काम में इलेक्ट्रॉनिक मशीनों, बाट और मापक यंत्रों की जांच व कैलिब्रेशन शामिल है।
भास्कर की पड़ताल के अनुसार परीक्षा देने वाले 21 क्लर्कों में से 15 के पास तय शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। सूची में बीए, एमए हिंदी, बीकॉम आदि डिग्री वाले नाम बताए गए हैं। Dainik Bhaskar रिपोर्ट में कहा गया है कि तकनीकी विभाग में गैर-तकनीकी स्टाफ को प्रमोशन देना कार्यक्षमता पर सवाल खड़ा करता है। यह आरोप जांचाधीन है और आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
Sources & further reading
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