कर्करोग (Cancer) क्या है? कारण, वैश्विक आंकड़े और बचाव के तरीके
कर्करोग (Cancer) क्या है, इसके मुख्य कारण, 2024 के वैश्विक आंकड़े और बचाव के उपायों पर एक विस्तृत गाइड। जानिए कैसे शुरुआती पहचान जीवन बचा सकती है।
19 Sept 2026, 12:13 UTC

हाल के दिनों में भारत में कर्करोग (Cancer) के बारे में खोजों में काफी वृद्धि देखी गई है। सरल शब्दों में, कर्करोग एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं। सामान्य तौर पर, मानव कोशिकाएं शरीर की आवश्यकतानुसार विभाजित होती हैं, लेकिन जब यह प्रक्रिया बाधित होती है, तो असामान्य कोशिकाएं ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।
कर्करोग क्या है और यह कैसे फैलता है?
नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) के अनुसार, कर्करोग एक आनुवंशिक बीमारी है जो उन जीन्स में बदलाव के कारण होती है जो कोशिकाओं की वृद्धि और विभाजन को नियंत्रित करते हैं। ये बदलाव वंशानुगत हो सकते हैं या पर्यावरण के हानिकारक प्रभावों, जैसे तंबाकू का धुआं और अल्ट्रावॉयलेट किरणों के कारण हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप NCI के गाइड को देख सकते हैं।
कर्करोग की एक मुख्य विशेषता मेटास्टेसिस (Metastasis) है। यह वह प्रक्रिया है जिसमें कैंसर कोशिकाएं अपने मूल स्थान से अलग होकर रक्त या लिम्फ सिस्टम के माध्यम से शरीर के दूरदराज के अंगों में नए ट्यूमर बनाती हैं। अधिकांश कैंसर मृत्यु का प्राथमिक कारण यही व्यापक मेटास्टेसिस होता है।
वैश्विक प्रभाव और सामान्य प्रकार (2024 डेटा)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में कर्करोग दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक रहा, जिससे लगभग 1 करोड़ मौतें हुईं, जो कुल मौतों का लगभग छठा हिस्सा है। विस्तृत आंकड़ों के लिए WHO फैक्ट शीट देखें।
सबसे आम कैंसर (नए मामलों के आधार पर)
| कैंसर का प्रकार | नए मामले (2024) |
|---|---|
| फेफड़े (Lung) | 26 लाख |
| स्तन (Breast) | 24 लाख |
| कोलन और मलाशय (Colon and Rectum) | 20 लाख |
| प्रोस्टेट (Prostate) | 15 लाख |
| त्वचा (Non-melanoma) | 11 लाख |
| पेट (Stomach) | 10 लाख |
मृत्यु के मुख्य कारण
2024 में सबसे अधिक मौतें फेफड़ों के कैंसर (18.6 लाख) और कोलन/मलाशय के कैंसर (9.18 लाख) के कारण हुईं, इसके बाद लिवर, स्तन और पेट के कैंसर का स्थान रहा।
जोखिम कारक और रोकथाम
WHO के अनुसार, लगभग 38% कैंसर को जोखिम कारकों से बचकर और साक्ष्य-आधारित रोकथाम रणनीतियों को अपनाकर रोका जा सकता है। कैंसर से होने वाली लगभग एक-चौथाई मौतों का कारण तंबाकू का उपयोग, शराब का सेवन, उच्च बॉडी मास इंडेक्स (BMI), फलों और सब्जियों का कम सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी है।
बचाव के मुख्य उपाय:
- तंबाकू का सेवन न करें और शराब की खपत कम करें।
- स्वस्थ वजन बनाए रखें और फल-सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार लें।
- नियमित शारीरिक व्यायाम करें।
- HPV और हेपेटाइटिस B के टीके लगवाएं (यदि अनुशंसित हो)।
- सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाव करें।
- बाहरी और आंतरिक वायु प्रदूषण के संपर्क को कम करें।
जल्द पहचान और उपचार का महत्व
कर्करोग का उपचार तभी सबसे प्रभावी होता है जब इसका पता शुरुआती चरणों में चल जाए। शुरुआती पहचान के दो मुख्य घटक हैं: प्रारंभिक निदान (Early Diagnosis) और स्क्रीनिंग (Screening)।
स्क्रीनिंग का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जिनमें लक्षण दिखने से पहले ही कैंसर के संकेत हों, जैसे स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राफी या सर्वाइकल कैंसर के लिए HPV टेस्ट। उपचार में आमतौर पर सर्जरी, रेडियोथेरेपी और सिस्टमिक थेरेपी (कीमोथेरेपी, हार्मोनल उपचार) शामिल होते हैं।
Sources & further reading
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