रेजिनगर उपचुनाव: मुस्लिम बहुल सीट पर BJP की जीत के पीछे क्या रहे कारण
पश्चिम बंगाल की मुस्लिम बहुल रेजिनगर सीट पर BJP ने 9 अक्टूबर 2026 को 75,748 वोटों से जीत दर्ज की। जानिए विकास-आधारित अभियान, हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी और TMC की बगावत ने कैसे समीकरण बदले।
10 Oct 2026, 11:36 UTC

पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट पर 9 अक्टूबर 2026 को घोषित उपचुनाव नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाया। लगभग 70 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं वाली इस सीट पर BJP के शंखारभ सरकार ने करीब 75,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। साथ ही नंदीग्राम में भी BJP की हासिरानी रथ 1,22,753 वोटों के अंतर से विजयी हुईं। [2]
नतीजे क्या रहे?
जागरण की 9 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, रेजिनगर में BJP उम्मीदवार शंखारभ सरकार 75,748 वोटों से जीते, जबकि नंदीग्राम में हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों का अंतर बनाया। [2] ABP लाइव की काउंटिंग रिपोर्ट के मुताबिक, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद दूसरे स्थान पर रहे, जबकि TMC और ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट के उम्मीदवार क्रमशः पीछे और छठे स्थान पर रहे। [3]
सीट क्यों खाली हुई थी?
2026 के विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने रेजिनगर और नउदा दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। रेजिनगर से उन्हें 1,23,536 वोट मिले थे, जबकि BJP के बापन घोष को 64,660 और TMC के अताउर रहमान को 41,718 वोट मिले थे। बाद में कबीर ने नउदा सीट बरकरार रखी और रेजिनगर से इस्तीफा दिया, जिससे यह उपचुनाव हुआ। AJUP ने उनके बेटे को उतारा, लेकिन वह पिता जितनी लोकप्रियता हासिल नहीं कर सके। [1]
BJP की रणनीति: विकास बनाम पहचान की राजनीति
आजतक के विश्लेषण के अनुसार, BJP के अभियान का सबसे बड़ा पहलू विकास और रोजगार पर जोर था। पार्टी ने 200 बिस्तरों वाला अस्पताल, नया पुल, कॉलेज और औद्योगिक पार्क जैसी परियोजनाओं का वादा किया। हुमायूं कबीर की मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा को मुस्लिम मतदाताओं ने चुनावी प्लैंक माना, जिसका बड़ा असर नहीं दिखा। [1]
विजेता उम्मीदवार शंखारभ सरकार ने चुनाव के दौरान कहा कि बंगाल के लोग अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक की बातें सुनकर थक चुके हैं और उन्हें विकास, कॉलेज और उद्योग चाहिए। [1]
चुनाव दिन का विवाद और शुभेंदु अधिकारी के दावे
6 अक्टूबर को मतदान के दिन हुमायूं कबीर की पुलिस से झड़प और गिरफ्तारी हुई। उन्होंने पुलिस पर मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप लगाया, जबकि BJP ने धांधली के आरोपों को खारिज किया। इस घटना का मतदान के माहौल पर असर पड़ा माना जा रहा है। [1]
नतीजों के बाद शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि BJP को रेजिनगर में 60 प्रतिशत और नंदीग्राम में 80 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले। यह उनका राजनीतिक दावा है—चुनाव आयोग की ओर से समुदाय-वार वोट डेटा जारी नहीं होता, इसलिए इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं है। [1]
एक जरूरी सुधार और सावधानी
आजतक की रिपोर्ट में शुभेंदु अधिकारी को 'मुख्यमंत्री' बताया गया है, जबकि वह पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता हैं और ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री हैं। यह रिपोर्टिंग की गलती प्रतीत होती है। इसी तरह, मुस्लिम मतदाताओं का प्रतिशत एक रिपोर्ट में 70 फीसदी और दूसरी में 65 फीसदी बताया गया है—सटीक आंकड़े के लिए चुनाव आयोग के मतदाता सूची डेटा की जरूरत होगी। [1] [3]
बंगाल की राजनीति के लिए मायने
रेजिनगर और नंदीग्राम में एक साथ BJP की जीत, TMC में बगावत और AJUP जैसे क्षेत्रीय दलों की कमजोर पकड़—ये सब मिलकर बंगाल में बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत देते हैं। हालांकि, एक उपचुनाव से बड़े निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी; कम मतदान, स्थानीय उम्मीदवार और विवादों जैसे कारक उपचुनावों को सामान्य चुनावों से अलग बनाते हैं।
Sources & further reading
- बंगाल: 70% मुस्लिम मतदाता, फिर भी रेजिनगर में कैसे जीती BJP, शुभेंदु बोले- बंगाली मुसलमान अब भाजपा समर्थक - bjp wins muslim majority assembly seat west bengal bye election suvendu adhikari ntcppl - AajTak
- बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम में भाजपा की रिकॉर्ड जीत, मुस्लिम बहुल रेजीनगर में भी लहराया परचम - bjp sweeps west bengal by elections nandigram and rejinagar wins
- मुस्लिम बहुल सीट पर BJP का जलवा, छठे नंबर पर TMC का बागी गुट, ममता बनर्जी का जानें हाल
- Google Trends India: रेजिनगर
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