संयुक्त राष्ट्र महासभा 81वें सत्र में 50 से अधिक नेता अनुपस्थित, विदेश मंत्री भेजकर प्रतिनिधित्व
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में 50 से अधिक नेता अनुपस्थित हैं; वे विदेश मंत्रियों को भेजकर अपने देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
13 Oct 2026, 20:40 UTC

परिचय
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र सितंबर 2026 में न्यूयॉर्क में आयोजित हुआ, जिसमें महासचिव एंटोनियो गुटेरेस अपने अंतिम महासभा सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं। BBC Hindi के अनुसार, ponad 50 नेता व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं ले रहे हैं और अपने देशों का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रियों के माध्यम से कर रहे हैं।
क्यों नेता नहीं जा रहे?
नेताओं की अनुपस्थिति के पीछे घरेलू राजनीतिक दबाव, स्वास्थ्य कारणें, चुनावी कार्यक्रम या द्विपक्षीय कूटनीति को प्राथमिकता देना बताया गया है। BBC Hindi में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ का उल्लेख है कि वे सितंबर में हुए तीन राज्यों के चुनावों के कारण व्यस्त हैं और अपनी गैर‑मौजूदगी में विरोधियों को विद्रोह की योजना बनाने से रोकना चाहते हैं, इसलिए विदेश मंत्री योहान वाडेफुल को बोलने भेजा जा रहा है।同样 में, Hindustan में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का कहना है कि वे इस हफ्ते देश के अंदरूनी मामलों पर ध्यान देना चाहते हैं, इसलिए विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी को भेज रही हैं। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा स्वास्थ्य कारणों से यूएनजीए में शामिल नहीं हो रहे हैं और उनके कार्यालय ने विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला को प्रतिनिधि नियुक्त किया है (DW Hindi)। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल‑सिसी का कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन वे प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबूली को भेज रहे हैं (BBC Hindi)। नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला टिनूबू छुट्टी पर हैं और उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा को प्रतिनिधि बनाया गया है (BBC Hindi)।
भारत की स्थिति
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार यूएनजीए को संबोधित नहीं किया; उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रीय वक्तव्य दिया (BBC Hindi, Hindustan)। यह मोदी की आखिरी व्यक्तिगत भागीदारी 2021 के बाद से続く pattern का हिस्सा है, whereby India routinely sends its external affairs minister to represent the country at the UNGA.
अन्य प्रमुख देशों के उदाहरण
| देश | अनुपस्थित नेता | कारण (स्रोत के अनुसार) | प्रतिनिधि |
|---|---|---|---|
| जर्मनी | चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ | घरेलू राजनीति में व्यस्तता (राज्य चुनाव) | विदेश मंत्री योहान वाडेफुल |
| इटली | प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी | अंदरूनी मामलों पर ध्यान | विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी |
| दक्षिण अफ्रीका | राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा | स्वास्थ्य कारणें | विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला |
| मिस्र | राष्ट्रपति अब्देल फतह अल‑सिसी | कारण नहीं बताया गया | प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबूली |
| नाइजीरिया | राष्ट्रपति बोला टिनूबू | छुट्टी पर | उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा |
| भारत | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | सार्वजनिक रूप से नहीं बताया गया | विदेश मंत्री एस. जयशंकर |
| चीन | राष्ट्रपति शी जिनपिंग | अमेरिकी दौरे पर, न्यूयॉर्क नहीं गए | विदेश मंत्री |
| रूस | राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन | सार्वजनिक कारण नहीं दिया | विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ |
क्या इसका अर्थ है?
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रतिनिधि कूटनीति की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है, wherein heads of state domestic प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय वार्ता को प्राथमिकता देते हैं, जबकि विदेश मंत्री बहुपक्षीय मंच पर अपने देशों की voix बनाए रखते हैं। इससे राष्ट्रीय बयानों की दृश्यता प्रभावित हो सकती है, लेकिन स्रोतों के अनुसार यह UNGA के substantive outcomes पर आवश्यक रूप से असर नहीं डालता।
Sources & further reading
- मोदी समेत दुनिया के ये बड़े नेता यूएन महासभा को संबोधित करने क्यों नहीं गए - BBC News हिंदी
- न मोदी-पुतिन, न जिनपिंग-मेलोनी, 50 से अधिक नेताओं ने क्यों बनाई UN महासभा से दूरी?, National Hindi News - Hindustan
- यूएनजीए की बैठक में क्यों नहीं शामिल हो रहे ये बड़े नेता
- Google Trends India: संयुक्त राष्ट्र महासभा
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