चांदी के दाम में तेज गिरावट: 7-8 अक्टूबर 2026 के कारण और निवेशकों के लिए मायने
7-8 अक्टूबर 2026 को चांदी MCX पर ₹1,300 और मल्टी कमोडिटी मार्केट में करीब ₹3,000 गिरकर ₹2,20,418 प्रति किलो पर आई। जानें डॉलर, बॉन्ड बाजार और मांग का असर।
12 Oct 2026, 22:42 UTC

7-8 अक्टूबर 2026 को चांदी कितनी गिरी?
गूगल ट्रेंड्स इंडिया में 8 अक्टूबर 2026 को 'चांदी' खोजों में करीब 75% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, और इसकी वजह थी कीमतों में आई तेज गिरावट। 7 अक्टूबर को MCX पर चांदी ₹1,300 तक गिरी, जबकि 8 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी मार्केट में 4 दिसंबर फ्यूचर के लिए चांदी करीब ₹3,000 गिरकर ₹2,20,418 प्रति किलो पर पहुंच गई। जागरण की 7 अक्टूबर वाली रिपोर्ट के मुताबिक उस दिन अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में दाम कम हुए।
चांदी के भाव क्यों गिरे?
आजतक की 8 अक्टूबर 2026 वाली रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में तेजी और डॉलर की मजबूती की वजह से मेटल्स में गिरावट देखी गई। खासकर चांदी की डिमांड कम होने से दाम टूटे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 1.90% गिरकर 60 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार करती दिखी।
सोने से अलग रुख
दिलचस्प बात यह है कि उसी दौरान सोना मामूली तेजी पर रहा — MCX पर सोने में ₹100 की बढ़त हुई और यह ₹1,49,198 प्रति 10 ग्राम पर रहा। कोमेक्स पर भी सोना 4,147.17 डॉलर प्रति औंस के साथ हरे निशान में था। इसका कारण चीन की लगातार सोने की खरीदारी बताई गई। यानी दोनों कीमती धातुओं की मांग-गतिक इस समय अलग-अलग दिशा में चल रही थी।
निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या मायने?
- गिरावट = तुरंत खरीद का संकेत नहीं: चांदी अत्यंत अस्थिर धातु है; एक-दो दिन की गिरावट लंबी अवधि के रुझान का संकेत नहीं होती।
- फ्यूचर भाव और भौतिक भाव अलग होते हैं: ₹2,20,418 प्रति किलो का आंकड़ा 4 दिसंबर फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट का है; आपके शहर के सर्राफा बाजार का भाव अलग हो सकता है।
- तेज डॉलर का दबाव: जब तक डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत रहते हैं, चांदी पर दबाव बना रह सकता है।
- सलाहकार से परामर्श जरूरी: सोने-चांदी या किसी भी एसेट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद लें — यह सलाह आजतक की रिपोर्ट में भी दी गई है।
संदर्भ: बाजार का बड़ा माहौल
यह गिरावट अकेले नहीं आई। 8 अक्टूबर 2026 को निफ्टी करीब 400 अंक (1.74%) गिरकर 22,200 पर आ गई और सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूटा। यानी चांदी की गिरावट एक व्यापक बाजार सुधार और वैश्विक मुद्रा दबाव का हिस्सा थी, न कि केवल धातु-विशिष्ट घटना।
Sources & further reading
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