कर्मचारी भविष्य निधि: वेतन सीमा ₹25,000 तक बढ़ाने का कैबिनेट फैसला
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने EPFO वेतन सीमा ₹15,000 से ₹25,000 बढ़ाने को मंज़ूरी दी; 51 लाख कर्मचारियों को लाभ संभावित.
19 Oct 2026, 07:42 UTC

कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) वेतन सीमा बढ़ाने का कैबिनेट फैसला
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 सितंबर 2026 को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीमा ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। यह घोषणा सितंबर 2026 में ट्रेंड हुई, लेकिन स्रोतों में कोई गजट अधिसूचना या कानूनी प्रभावी तारीख नहीं बताई गई है। इसलिए इसे मंजूरी का समाचार माना जाना चाहिए, अंतिम लागू होने की तारीख नहीं।[1]
किसे सीधा फायदा मिलेगा?
इस बदलाव का असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिनका बेसिक वेतन ₹15,001 से ₹25,000 के बीच है। पहले इस वेतन slab में आने वाले नए कर्मचारी अपने आप अनिवार्य EPF ढांचे में कवर नहीं होते थे और उन्हें पेंशन व बीमा सुरक्षा से बाहर रहना पड़ता था। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी EPFO कवरेज के दायरे में आ सकते हैं। ₹25,000 से ऊपर के मौजूदा सदस्यों पर कोई बदलाव नहीं बताया गया है।[1]
EPF, EPS और EDLI लाभ क्या हैं?
EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज में तीन घटक शामिल हैं:
- कर्मचारी भविष्य निधि (EPF): लंबी अवधि की सेवानिवृत्ति बचत, जिस पर ब्याज जमा होता है।
- कर्मचारी पेंशन योजना (EPS): रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन, बशर्ते पात्रता और सेवा अवधि पूरी हो।
- कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI): सदस्य के परिवार के लिए जीवन बीमा सुरक्षा।
ये तीनों लाभ पहले ₹15,000 तक की सैलरी वाले कर्मचारियों को मिलते थे; अब ₹25,000 तक के कर्मचारियों को भी मिलने की उम्मीद है।[1]
पेंशन और नियोक्ता योगदान में बदलाव
नई वेतन सीमा के तहत अधिकतम EPS पेंशन ₹7,500 से बढ़कर ₹12,500 होने का अनुमान है, लेकिन यह आंकड़ा 33 साल की सेवा और ₹25,000 पेंशन योग्य वेतन मानकर निकाला गया है। वास्तविक पेंशन अंतिम 60 महीनों के औसत वेतन और सेवा वर्षों पर निर्भर करती है। EPS पेंशन पाने के लिए आमतौर पर 10 साल की पेंशन योग्य सेवा जरूरी है।[3]
नियोक्ता का EPS योगदान भी बढ़ने का अनुमान है। पुरानी सीमा ₹15,000 पर 8.33 प्रतिशत योगदान ₹1,250 प्रति माह था; नई सीमा ₹25,000 पर यह बढ़कर ₹2,083 प्रति माह हो सकता है। यह अतिरिक्त योगदान केवल ₹15,001 से ₹25,000 वेतन बैंड वाले नए कवर कर्मचारियों पर लागू होगा।[3]
| सेवा अवधि | पुरानी पेंशन (₹15k सीमा) | नई पेंशन (₹25k सीमा) |
|---|---|---|
| 10 वर्ष | ₹2,143 | ₹3,571 |
| 20 वर्ष | ₹4,714 | ₹7,857 |
| 33 वर्ष | ₹7,500 | ₹12,500 |
सरकारी खर्च और पिछली संशोधन तारीख
BBC के अनुसार, अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा पर मौजूदा सरकारी प्रावधान लगभग ₹10,250 करोड़ है, जो नए परिवर्तन के बाद लगभग ₹11,339 करोड़ हो सकता है। पांच वर्षों में अनुमानित खर्च ₹56,696 करोड़ बताया गया है। वेतन सीमा पिछली बार सितंबर 2014 में ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई थी और 2004 से 2014 के बीच अपरिवर्तित रही।[1]
कर्मचारियों को क्या ध्यान रखना चाहिए
चूंकि यह कैबिनेट मंजूरी है, कर्मचारियों को EPFO या श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए। नई सीमा बेसिक सैलरी पर लागू होती है या इसमें अन्य भत्ते शामिल हैं, इसकी पुष्टि EPF अधिनियम के प्रावधानों से करनी होगी। नए पात्र कर्मचारियों के लिए EPFO के अनुपालन दिशानिर्देश भी जारी होने बाकी हैं।
कर्मचारी अपने UAN और पासबुक के जरिए EPFO सदस्यता की स्थिति देख सकते हैं। नई सीमा के तहत नामांकन के लिए नियोक्ता से संपर्क करना उचित है।
Sources & further reading
- ईपीएफ़ओ की वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई, जानिए क्या बदलेगा? - BBC News हिंदी
- EPFO New Wage Limit: ₹15000 से बढ़कर ₹25,000 हुई EPF वेज लिमिट, पता हैं इसके ये 5 बड़े फायदे? - epf wage limit increased 15000 to 25000 five million employees get social security benefits dpmx - AajTak
- EPS Pension: वेज सीलिंग बढ़ने के बाद ₹12,500 हो जाएगी अधिकतम पेंशन, रिटायरमेंट के बाद आपको कितनी मिलेगी? - epf member could get upto 12,500 pension under eps scheme after the wage ceiling hike - Navbharat Times
- Google Trends India: कर्मचारी भविष्य निधि
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