'आग' क्यों ट्रेंड हुआ? ब्लैक सी में तेल टैंकर में आग, 23 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए
7 अक्टूबर 2026 को 'आग' की सर्च 50% बढ़ी—वजह ब्लैक सी में तेल टैंकर 'एफ्रामैक्स रियो' में लगी आग थी, जिसमें सवार 23 भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बचाए गए। जानें पूरी घटना।
11 Oct 2026, 13:00 UTC

'आग' की सर्च में उछाल की असली वजह
7 अक्टूबर 2026 को Google Trends India के अनुसार 'आग' शब्द की खोज में पिछले 24 घंटों में करीब 50% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें लगभग 200 अनुमानित सर्च शामिल थे। इस सर्च स्पाइक की सबसे बड़ी वजह रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर में लगी भीषण आग की खबर थी, जिसमें सवार सभी 23 क्रू मेंबर भारतीय नागरिक थे। ध्यान दें कि Google Trends का आंकड़ा सिर्फ खोज-रुचि दिखाता है; यह किसी खबर की सच्चाई की पुष्टि नहीं करता।
6 अक्टूबर को क्या हुआ था?
6 अक्टूबर 2026 की रात लाइबेरिया के झंडे वाले तेल टैंकर 'एफ्रामैक्स रियो' में सोची तट से करीब 15 किलोमीटर दूर आग लग गई। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार रूस की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने बताया कि एक अनमैन्ड वेसल के हमले के बाद टैंकर में आग लगी और इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी 23 भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया। मंत्रालय के मुताबिक किसी को चोट नहीं आई।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जहाज से उठती आग और काले धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। हमले के बाद ब्लैक सी के पानी में कच्चा तेल जला, जिससे रूस के रिसॉर्ट शहर सोची के कुछ हिस्सों में आसमान धुएं से ढक गया। अधिकारियों ने इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान इलाके के समुद्र तटों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया।
हमले पर अलग-अलग दावे
इस घटना को लेकर विवादास्पद क्षेत्र से आने वाली खबरों की तरह ही अलग-अलग सूत्रों के दावे मेल नहीं खाते। यूक्रेन-समर्थित खातों का दावा है कि टैंकर पर समुद्री ड्रोन से हमला किया गया, जबकि रूसी सूत्रों ने शुरू में केवल इतना कहा कि बंदरगाह के पास एक जहाज में आग लगी है और कारण अज्ञात है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार द कीव इंडिपेंडेंट ने बताया कि यह जहाज यूक्रेन की प्रतिबंध सूची में शामिल था और इसे रूस के कथित 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा बताया गया था। यूक्रेन ने फरवरी में इस जहाज पर प्रतिबंध लगाए थे।
48 घंटों में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर तीसरा हमला
यह घटना अकेली नहीं थी। बीते 48 घंटों में यह तीसरी बार था जब भारतीय नाविकों वाले जहाजों को निशाना बनाया गया:
- 5 अक्टूबर: ब्लैक सी में रोमानिया के पास तुर्किये के ड्राई कार्गो जहाज 'MV रोयाद मम्मदोव' पर हमला हुआ, जिसमें 3 भारतीय नाविक सवार थे। जहाज डूब गया, 2 विदेशी नागरिकों की मौत हुई और एक भारतीय नाविक घायल हुआ, जिसका रोमानिया के कॉन्स्टांटा के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- 6 अक्टूबर: होर्मुज स्ट्रेट में पनामा के झंडे वाले जहाज 'MT ऑन पीस' पर हमला हुआ। जहाज पर कुल 17 भारतीय थे, जिनमें 11 घायल हुए। भारत ने इस हमले की निंदा की।
- 6 अक्टूबर (रात): ब्लैक सी में 'एफ्रामैक्स रियो' टैंकर में आग; 23 भारतीय सुरक्षित बचाए गए।
ब्लैक सी में बढ़ता जोखिम और भारत पर असर
रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। दैनिक भास्कर के अनुसार पिछले करीब 2 महीनों में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। इससे समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है, माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है और गेहूं की कीमतों में पिछले एक साल में करीब 30% की तेजी आ चुकी है। रूस और यूक्रेन मिलकर दुनिया के करीब 30% गेहूं निर्यात में हिस्सा रखते हैं, इसलिए इस रूट पर बढ़ते खतरे का असर वैश्विक खाद्य सप्लाई और भारतीय नाविकों की सुरक्षा दोनों पर पड़ सकता है।
Sources & further reading
0 replies
A thoughtful contribution can make all the difference. Be the first to share one.