गीत: क्यों सितंबर 2026 के अंत में भारत में 'गीत' की खोज 300% बढ़ी — मीर तकी मीर से शारदा सिन्हा तक
25 सितंबर 2026 को भारत में 'गीत' की खोज 300% बढ़ी — इसके पीछे मीर तकी मीर की कविता पर बना 44 साल पुराना लता मंगेशकर का गाना और 'द वन' फिल्म में शारदा सिन्हा का छठ गीत थे।
12 Oct 2026, 07:23 UTC

सितंबर 2026 के अंतिम हफ्ते में भारत में 'गीत' शब्द की खोज में तेज उछाल देखा गया। Google Trends के 25 सितंबर 2026 के डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 'गीत' के लिए करीब 2,000 खोजें दर्ज हुईं, जो पिछली अवधि की तुलना में लगभग 300% की बढ़त थी। ध्यान दें कि यह आंकड़ा सिर्फ खोज की रुचि दर्शाता है, किसी एक समाचार की सच्चाई की पुष्टि नहीं करता। इस उछाल के पीछे दो अलग-अलग संस्कृतियों से जुड़ी खबरें थीं — एक 18वीं सदी की उर्दू कविता पर बना 44 साल पुराना कल्ट गाना, और दूसरा बिहार के छठ पर्व से जुड़ा शारदा सिन्हा का गीत जो नई फिल्म 'द वन' में गूंजा।
मीर तकी मीर की कविता पर बना 44 साल पुराना गीत
जागरण की 24 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, स्मिता पाटिल की एक फिल्म का गाना 18वीं सदी के मशहूर शायर मीर तकी मीर की कविता पर आधारित है। इस गीत को खय्याम के संगीत मिला और लता मंगेशकर की आवाज में यह 44 सालों से सुना जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि यह गीत दबी हुई भावनाओं को जाहिर करता है और आज भी सिनेमा में सदाबहार बना हुआ है। मीर तकी मीर ने उर्दू भाषा में कई कविताएं लिखीं, जिनमें से एक कविता गाने के जरिए अमर हो गई।
यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिखाती है कि क्लासिकल उर्दू शायरी और हिंदी सिनेमा का रिश्ता कितना पुराना और गहरा है — एक 18वीं सदी की कविता 20वीं सदी के संगीत से जुड़कर आज भी दर्शकों को खोजने पर मजबूर कर रही है।
'द वन' में शारदा सिन्हा का छठ गीत
दूसरी तरफ, 25 सितंबर 2026 को रिलीज हुई सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की माइथोलॉजिकल थ्रिलर 'द वन' (The Vvaan) में 'बिहार कोकिला' शारदा सिन्हा के मशहूर छठ गीत 'पहिले पहिल हम कईनी' को शामिल किया गया। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की कहानी 'देवांचल' नाम के काल्पनिक गांव में छठ पूजा के माहौल पर आधारित है, और गाना उस दृश्य में बजता है जब घर की महिलाएं ठेकुआ जैसे पारंपरिक पकवान बनाती हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि थिएटर में शारदा सिन्हा की आवाज सुनकर दर्शक इमोशनल हुए; यह प्रतिक्रिया गुणात्मक है, कोई मापा गया आंकड़ा नहीं।
शारदा सिन्हा का 5 नवंबर 2024 को 72 साल की उम्र में निधन हो गया था। उन्हें पद्म श्री (1991), पद्म भूषण (2018) और 2025 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसलिए उनकी आवाज का बड़े पर्दे पर लौटना दर्शकों के लिए भावनात्मक पल बन गया।
छठी मइया और फिल्म का संगीत
दैनिक भास्कर के रिव्यू के अनुसार, 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' बिहार के बिहटा स्थित वन देवी मंदिर की लोककथा से प्रेरित है। रिव्यू में फिल्म के संगीत पर कहा गया है कि 'समझो ना' और 'ठुमक ठुमक' जैसे गानों के बीच सबसे ज्यादा फिल्म की जड़ों से जुड़ता है 'छठी मइया' गीत — छठ के घाट, अर्घ्य और भक्ति का माहौल फिल्म को बिहार की संस्कृति से जोड़ता है। रिव्यू यह भी स्वीकार करता है कि फिल्म ने कुछ दृश्यों में असली छठ की सादगी से ज्यादा फिल्मी आजादी ली है।
दो परंपराएं, एक खोज शब्द
'गीत' की खोज में यह उछाल दो बिल्कुल अलग संगीत परंपराओं के एक साथ चर्चा में आने का नतीजा है:
- क्लासिकल उर्दू परंपरा: मीर तकी मीर की 18वीं सदी की कविता, खय्याम का संगीत और लता मंगेशकर की आवाज — 44 साल पुराना कल्ट गाना।
- लोक संस्कृति परंपरा: शारदा सिन्हा का छठ गीत 'पहिले पहिल हम कईनी', जो 'द वन' के जरिए मुख्यधारा के सिनेमा में छठ पूजा की रस्मों को दिखाता है।
दोनों खबरें 24–25 सितंबर 2026 को प्रकाशित हुईं, ठीक उसी दौरान जब Google Trends में 'गीत' की खोज बढ़ी। यह मिलान संयोग से ज्यादा इस बात का संकेत है कि जब सिनेमा किसी सांस्कृतिक या भावनात्मक गीत को छूता है, तो दर्शक सीधे खोज इंजन पर उसकी जड़ें तलाशने लगते हैं।
फिल्म 'द वन' के बारे में विस्तृत जानकारी — रिलीज, रिव्यू और बॉक्स ऑफिस — के लिए पढ़ें: The Vvaan Movie: Release, Reviews, Box Office and Search Spike।
Sources & further reading
- 18वीं सदी की 'कविता' पर बना Smita Patil का ये कल्ट गीत, लता दीदी की आवाज में 44 सालों से है अमर - lata mangeshkar song dikhai diye yun featuring smita patil inspired by mir taqi mir 18th century poetry
- द वन के 'छठ गीत' में सुनाई दी शारदा सिन्हा की आवाज, इमोशनल हुए फैंस - The Vvaan Sharda Sinha Chhathi Maiya Chhath Song Features Shweta tiwari fan Emotional tmovg - AajTak
- The Vvaan Movie Review | Bihar Forest Mystery Chhathi Maiya Belief
- Google Trends India: गीत
0 replies
A thoughtful contribution can make all the difference. Be the first to share one.