राकेश टिकैत का नोएडा-ग्रेटर नोएडा धरना एक महीने स्थगित: 17 सूत्रीय मांगें और आगे की रणनीति
राकेश टिकैत के नेतृत्व में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण पर 14 सितंबर से चल रहा बीकेयू का धरना एक महीने के लिए स्थगित हो गया है। जानें 17 सूत्रीय मांगें, 64.7% मुआवजे का मुद्दा और आगे की रणनीति।
19 Sept 2026, 23:49 UTC

राकेश टिकैत के नेतृत्व में तीनों प्राधिकरणों पर धरना क्यों हुआ?
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 14 सितंबर 2026 से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के कार्यालयों के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार, 16 सितंबर को संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ट्रैक्टर पर सवार होकर सैकड़ों किसानों के साथ सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों के अनुरोध पर उन्होंने मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश से वार्ता की, जिसमें किसानों के 17 सूत्रीय मांगपत्र पर करीब दो घंटे चर्चा हुई। बैठक का संचालन बीकेयू गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने किया।
देर शाम यमुना प्राधिकरण में भी बैठक हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनके स्तर पर निस्तारित होने वाली मांगों का एक महीने में समाधान किया जाएगा। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी आश्वासन के आधार पर बीकेयू ने तीनों प्राधिकरणों पर चल रहा धरना एक महीने के लिए स्थगित कर दिया और सैकड़ों किसान अपने घर लौट गए।
किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
- 10 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट: भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को विकसित भूखंड दिए जाने की लंबे समय से चल रही मांग।
- 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा: बढ़ी हुई दर से अतिरिक्त मुआवजे की मांग। ध्यान दें, यह बीकेयू की मांग है, कोई सरकारी घोषणा या स्वीकृत दर नहीं।
- आबादी और लीज-बैक मामलों का निस्तारण: प्राधिकरण स्तर पर लंबे समय से लंबित मामलों का त्वरित समाधान।
- 2013 का भूमि अधिग्रहण कानून लागू करना: किसानों का आरोप है कि यह कानून इन क्षेत्रों में लागू नहीं किया गया।
- सर्किल रेट में बढ़ोतरी: किसानों का कहना है कि जिले में पिछले करीब 12 वर्षों से सर्किल रेट नहीं बढ़ा, जबकि जमीन का बाजार मूल्य काफी बदल चुका है।
सर्किल रेट और मुआवजे का आर्थिक पहलू
इस आंदोलन की जड़ में आर्थिक असंतोष है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, किसानों का तर्क है कि जब सर्किल रेट 12 साल से स्थिर है, तो भूमि अधिग्रहण के मामलों में मुआवजा वास्तविक बाजार दर से काफी नीचे रह जाता है। यही वजह है कि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे और 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट की मांग इतनी महत्वपूर्ण बन गई है। हालांकि, यह स्पष्ट रहे कि एक महीने का स्थगन किसी कानूनी समझौते पर आधारित नहीं है—यह केवल अधिकारियों के आश्वासन पर टिका अस्थायी समझौता है।
आगे क्या होगा?
राकेश टिकैत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर एक महीने के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन फिर से तीनों प्राधिकरणों पर धरना-प्रदर्शन करेगी और आंदोलन को लंबा तथा व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को 10 प्रतिशत प्लॉट और 64.7 प्रतिशत मुआवजा देना ही होगा और क्षेत्र का विकास करना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। अब नजर इस पर होगी कि अगले एक महीने में अधिकारी किसानों की मांगों पर कितनी ठोस कार्रवाई करते हैं।
Sources & further reading
- BKU Farmers Protest Noida Greater Noida Yamuna | Rakesh Tikait Statement
- नोएडा अथॉरिटी पर चल रहा धरना एक माह के लिए स्थगित; राकेश टिकैत के साथ वार्ता में बनी सहमति, दिया भरोसा - noida authority farmers protest postponed for a month after talks with rakesh tikait - Navbharat Times
- राकेश टिकैत का नोएडा प्राधिकरण पर ट्रैक्टर मार्च, 17 सूत्रीय मांगपत्र पर CEO संग 2 घंटे चली बैठक - rakesh tikait leads noida protest discusses farmers demands
- Google Trends India: राकेश टिकैत
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