प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: प्रतापगढ़ में 1.07 लाख अपात्र लाभार्थी और अनिवार्य ई-केवाईसी
प्रतापगढ़ में 1.07 लाख से अधिक अपात्र PM Kisan लाभार्थियों की पहचान, ₹315 करोड़ की वसूली की तैयारी और सालाना ई-केवाईसी की अनिवार्यता — दो रिपोर्टों के आंकड़ों की तुलना।
11 Oct 2026, 08:31 UTC

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पर सर्च क्यों बढ़ी
Google Trends इंडिया के 24 सितंबर 2026 (सुबह 8:57 बजे दर्ज) स्नैपशॉट में “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” पिछले 24 घंटे की ट्रेंडिंग सूची में दिखा, जहां करीब 20,000 अनुमानित सर्च और 1,000% की बढ़त दर्ज हुई। यह आंकड़ा सिर्फ सर्च रुझान बताता है — किसी खबर की सच्चाई या वेबसाइट ट्रैफिक का प्रमाण नहीं।
रुझान की वजह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से 22–24 सितंबर 2026 के बीच आई रिपोर्टें हैं, जिनमें योजना में बड़े पैमाने पर अपात्र लाभार्थियों की पहचान, राशि की वसूली और सालाना ई-केवाईसी की अनिवार्यता का जिक्र है।
प्रतापगढ़ में 1.07 लाख अपात्र लाभार्थी: दो रिपोर्टों के आंकड़े
जागरण की 23–24 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक प्रतापगढ़ में योजना का गलत तरीके से लाभ लेने वाले 1,07,364 लोगों की सम्मान निधि रोक दी गई है और सरकार उनसे ली गई राशि वसूल कराएगी। जांच में कुंडा क्षेत्र के अलावा प्रयागराज, सुलतानपुर, अमेठी, रायबरेली समेत अन्य जनपदों और बिहार, झारखंड व हरियाणा जैसे राज्यों के लोग भी शामिल पाए गए।
अमर उजाला की 22 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में संख्या 1,07,802 बताई गई है और घपले का आकार 3.15 अरब रुपये (करीब ₹315 करोड़) आंका गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पहले चरण में सभी फर्जी लाभार्थी गैर जनपद के पाए गए — प्रयागराज, कौशाम्बी, सुल्तानपुर और अमेठी के। दोनों अखबारों के आंकड़े अलग हैं, इसलिए इन्हें अंतिम और राष्ट्रव्यापी संख्या न मानें; ये प्रतापगढ़ की जांच तक सीमित हैं।
| बिंदु | जागरण (23–24 सितंबर 2026) | अमर उजाला (22 सितंबर 2026) |
|---|---|---|
| अपात्र/फर्जी लाभार्थी | 1,07,364 | 1,07,802 |
| घपले की राशि | रिपोर्ट में नहीं दी गई | 3.15 अरब रुपये |
| कार्रवाई | किस्त रोकी गई, वसूली होगी | डाटा पोर्टल पर अपलोड, रिकवरी की तैयारी |
किस्तों पर असर
अमर उजाला के मुताबिक जिले में पहले 5.18 लाख लाभार्थी थे, लेकिन अब 24वीं किस्त करीब चार लाख किसानों को ही मिलने की बात कही गई है। रिपोर्ट यह भी जोड़ती है कि जांच का दायरा बढ़ने पर लाभार्थियों की संख्या और कम हो सकती है।
वसूली और संतृप्तीकरण अभियान
जागरण की रिपोर्ट में 2 अक्टूबर से संतृप्तीकरण अभियान चलाने और पात्र-अपात्र की पहचान करने का जिक्र है। उपलब्ध स्रोतों में इस अभियान के बाद की कोई आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट नहीं है, इसलिए वसूली की समयसीमा और अंतिम राशि पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अमर उजाला के मुताबिक उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह की तहरीर पर 26 अगस्त को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, और कृषि मंत्रालय के निर्देश पर अब प्रदेश के सभी जिलों में जांच शुरू की गई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रतापगढ़ एकमात्र ऐसा जिला है जहां पहले चरण में फर्जी लाभार्थियों का डाटा विभाग के पोर्टल पर 10-10 हजार के स्लॉट में अपलोड किया गया।
सालाना ई-केवाईसी अनिवार्य: किस्त कब रुक सकती है
दैनिक भास्कर (हाजीपुर, वैशाली) की रिपोर्ट के मुताबिक अब हर साल ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा और समय पर सत्यापन न कराने वाले किसानों की अगली किस्त अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है। वैशाली का उदाहरण: योजना के तहत 2,15,522 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन सालाना सत्यापन में करीब 1.93 लाख ही पात्र पाए गए और 25,000 से अधिक नाम मृत या अपात्र श्रेणी में सामने आए।
सत्यापन के तरीके: स्मार्टफोन से पीएम किसान पोर्टल या मोबाइल ऐप पर आधार ओटीपी, ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन, या नजदीकी जन सेवा केंद्र/वसुधा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन। किसान सलाहकार, किसान समन्वयक और बीटीएम कर्मी घर जाकर मदद करेंगे। भुगतान के लिए बैंक खाता आधार से लिंक और एनपीसीआई से मैप होना जरूरी है।
किसान अपनी स्थिति कैसे जांचें
- पीएम किसान पोर्टल या मोबाइल ऐप पर अपनी पात्रता और किस्त की स्थिति देखें।
- ई-केवाईसी समय पर पूरी करें — आधार ओटीपी, फेस ऑथेंटिकेशन या नजदीकी केंद्र से बायोमेट्रिक।
- बैंक खाता आधार से लिंक और एनपीसीआई से मैप है, यह पुष्टि करें।
- नाम अपात्र सूची में दिखने या किस्त रुकने पर जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें और रिकवरी संबंधी मामलों में आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
योजना की मूल बातें नहीं बदलीं
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पात्र किसानों को साल में तीन किस्तों में कुल ₹6,000 (हर किस्त ₹2,000) डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में मिलते हैं। बदलाव सत्यापन और निगरानी में है: पहले चरण की जांच में सामने आए आंकड़े और सालाना ई-केवाईसी, दोनों का मकसद यही है कि सहायता वास्तविक और पात्र किसानों तक पहुंचे।
Sources & further reading
- PM किसान सम्मान निधि: 1 लाख से अधिक अपात्र लाभार्थियों पर वसूली की तलवार, सरकार कसेगी शिकंजा - pm kisan samman nidhi 1 lakh ineligible beneficiaries face recovery in pratapgarh
- Pratapgarh News:पीएम किसान सम्मान निधि के घपले में 1,07,802 फर्जी लाभार्थी चिह्नित - 107,802 Fake Beneficiaries Identified In Pm Kisan Samman Nidhi Scam - Pratapgarh News
- Annual e-KYC is mandatory, otherwise the installment will be stuck.
- Google Trends India: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
0 replies
A thoughtful contribution can make all the difference. Be the first to share one.